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Saharanpur News: बाजार से गायब हुए व्यावसायिक सिलिंडर, ढाबे और रेस्टोरेंट पर धधकने लगीं कोयले की भट्ठियां

Thu, 12 Mar 2026 12:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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तकनीक से खत्म हुई थी कतारें, हालात ने फिर खड़ा कर दिया लाइन में :कुछ साल पहले तक गैस सिलिंडर ले
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सहारनपुर। जिले में रसोई गैस सिलिंडरों के लिए एजेंसियों पर मारामारी मची है। बुकिंग साइट का सर्वर डाउन होने के कारण उपभोक्ताओं को सिलिंडर लेने में दिक्कत आ रही है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर तो किसी भी भाव बाजार में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के सामने अपने कारोबार के बंद होने का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि कुछ ने परंपरागत कोयल की भट्ठी या लकड़ियों की व्यवस्था कर चूल्हे के सहारे काम चलाने की जुगत लगाई है, लेकिन यह जेब पर भारी पड़ रही है।
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बुधवार को सुबह से ही शहर से लेकर गांवों तक की गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लाइन सिलिंडर लेने के लिए लग गई थी, लेकिन ऐसे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा, जिन्होंने गैस बुक नहीं करा रखी थी। केवल बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को ही सिलिंडर दिए जा रहे हैं। ईद का त्योहार नजदीक होने के कारण भी लोग उसकी तैयारियों के लिए गैस सिलिंडर पहले से ही स्टाॅक करने के लिए मारामारी कर रहे हैं। वहीं शादी विवाह का सीजन चल रहा है। हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि घरेलू गैस की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन बिना बुकिंग नहीं दी जाएगी। उनका कहना है कि व्यवसायिक गैस सिलिंडर पिछले तीन दिन से नहीं आ रहे हैं। ऐसे में इनकी किल्लत जरूर है।



ओटीपी नहीं मिलने से बुकिंग में आ रही दिक्कत

छुटमलपुर निवासी राजेश शर्मा, तनुज अरोड़ा, अर्जुन पुंडीर आदि कई ग्राहकों ने बताया कि टोल-फ्री नंबर के माध्यम से गैस बुकिंग करने पर उनके मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त नहीं हो रहा, जिस कारण वह सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि बुकिंग व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो समस्या और गंभीर हो सकती है। पुवांरका क्षेत्र की एक एजेंसी के डिलीवरी ब्वाय ने बताया कि दस दिन पहले लगभग 70 से 75 सिलिंडर आस पास क्षेत्र में सप्लाई किए जाते थे, लेकिन अब रोज मुश्किल से 10 से 15 सिलिंडर ही सप्लाई हो रहे हैं।
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-तल्हेड़ी बुजुर्ग क्षेत्र में साखन खुर्द के पास स्थित मिलन ढाबा के मालिक मोनू त्यागी ने बताया कि पिछले दो दिनों से व्यवसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है। इसकी वजह से कोयले की भट्टी चलाकर काम चलाना पड़ रहा है। हालांकि यह जेब पर महंगा भी पड़ रहा है। क्योंकि गैस को आवश्यकता अनुसार चलाया या बंद किया जा सकता है, लेकिन कोयले की भट्टी एक बार जलाने के बाद ग्राहक हो या न हो बंद नहीं की जा सकती है।
-नागल क्षेत्र में स्टेट हाईवे स्थित गुरु नानक ढाबा के संचालक गौरव अरोड़ा ने बताया कि व्यवसायिक गैस नहीं मिल पा रही है, जिससे ढाबा चलाने में दिक्कत हो रही है। उपले व लकड़ी का प्रयोग करना पड़ रहा है। यदि यही हालत रही तो थोड़े दिन बाद बिना रसोई गैस के ढाबा बंद करना पड़ सकता है।
- नानौता निवासी रेस्टोरेंट संचालक मेहर सहगल ने बताया कि कुछ दिनों से गैस सिलिंडर नहीं मिलने से रेस्टोरेंट चलाने में भारी दिक्कत हो रही है। अधिक आवश्यकता होने पर मजबूरी में रेस्टोरेंट को कोयले की भट्टी से चलाया जा रहा है।

- बेहट निवासी दुकानदार हिमांशु ने बताया कि ईद की मिठाइयां बनाने का काम सिलिंडर न मिलने की वजह से प्रभावित हो रहा है। गैस एजेंसी से बुकिंग पर मात्र एक व्यावसायिक सिलिंडर मिला है। पहले 1800 रुपये का मिलता था अब रेट बढ़ने पर 1910 रुपये में मिला है। एक दो से बात कि तो उन्होंने ब्लैक में 2500 रुपये का बताया।

घरेलू उपयोग के लिए गैस की कोई कमी नहीं है। आम जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। बुकिंग कराकर घरेलू सिलिंडर उपलब्ध है। गैस की कालाबाजारी करने वालों पर भी निगाह रखी जा रही है। इसके लिए टीम बना दी गई है। अगर गैस की कालाबाजारी मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- मनीष बंसल, जिलाधिकारी
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