सहारनपुर। कोहरा छटने के बाद भी सर्दी का सितम और बढ़ रहा है। साफ मौसम में जबरदस्त पाला पड़ रहा है, जिसकी वजह से न्यूनतम तापमान गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। जिससे पाला पड़ रहा है। यह इस मौसम का अभी तक सबसे कम तापमान है। रात और सुबह की सर्दी लोगों की कंपकंपी छुड़ा रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से सर्दी से कुछ राहत भी मिली है।
मंगलवार को दिन के साथ ही रात का मौसम भी साफ रहा। इसी वजह से पाला पड़ा, जिसका असर यह रहा कि रात में सर्दी अधिक महसूस हुई। रात तीन बजे के बाद सर्दी का असर अधिक देखने को मिला। बुधवार की सुबह आसमान पूरी तरह साफ रहा, लेकिन पाला पड़ने की वजह से लोगों के शरीर सुन्न रहे। धूप सुबह समय से निकल आई थी, लेकिन सर्दी अधिक होने के कारण पूर्वाह्न 11 बजे तक भी धूप का कोई खास असर महसूस नहीं किया गया। 11 बजे के बाद धूप ने सर्दी से राहत दिलाने का काम किया। चार बजे तक धूप खिली रही। तापमान की बात करें तो जो न्यूनतम तापमान मंगलवार को 3.2 डिग्री सेल्सियस था वह गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि दिन में खिली धूप की वजह से अधिकतम तापमान 16 से बढ़कर 20 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शाम पांच बजे के बाद फिर से सर्दी का असर महसूस किया गया। अगले 24 घंटे में बादलों के छाए रहने और तापमान के ऐसे ही बने रहने का अनुमान है।
फसलों को नुकसान पहुंचा रहा पाला
पाला पड़ना फसलों के लिए भी नुकसानदायक है। किसान महफूज ने बताया कि सहारनपुर में आलू का उत्पाद भारी मात्रा में होता है। पाला पड़ने की वजह से आलू की फसल प्रभावित होती है। इसके अलावा अन्य फसलों और बागों में आने वाले बोर आदि को भी पाला प्रभावित करता है, क्योंकि यह फसलों की उन्नति को रोकता है। अधिक पाला पड़ने की वजह से पत्तों में पानी जम जाता है, जिसके कारण वह काले पड़ जाते हैं।
रात में सर्दी, दिन में धूप बिगाड़ रही सेहत
रात में पाला पड़ने की वजह से अत्यधिक ठंड और दिन में खिली धूप लोगों की सेहत को भी नुकसान पहुंचा रही है। धूप में अचानक से गर्म कपड़े उतार देने और शाम को समय से गर्म कपड़े नहीं पहनने के कारण खांसी और जुकाम की समस्या बढ़ रही है। वर्तमान में प्रत्येक घर में खांसी और जुकाम के मरीज हैं। डॉ बीरेंद्र भट्ट का कहना है कि यह मौसम सेहत पर भारी पड़ता है। रात और दिन के तापमान में भारी अंतर के कारण स्वास्थ्य बिगड़ता है, ऐसे में सर्दी से बचाव जरूरी है। खासकर बच्चों का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए।