सड़कों-बाजारों में सफाई, कूड़ा उठान में लापरवाही
सहारनपुर। प्रदेश स्तर पर चल रहे सफाई अभियान का असर शहर में नजर नहीं आ रहा है। सड़कें बेशक साफ हैं, लेकिन कॉलोनियों में हालात ज्यों के त्यों बनीं हुई है। उपर से कूड़ाघरों से कूड़ा उठान में हो रही देरी शहर की सफाई व्यवस्था पर धब्बा लगा रही है।
शहर में ज्यादातर कूड़ाघर सड़कों किनारे हैं। पांवधोई नदी के तट पर चार कूड़ाघर हैं, जहां कचरा नहंी उठने से दुर्गंध का आलम रहता है। मंगलवार सुबह कचरे का उठान हुआ लेकिन रेहड़ों से लाकर फिर कचरा डाल दिया गया। नुमाइश कैंप में गोशाला की बगल में कूड़े का ढेर लगा मिला। शारदानगर रोड पर कोर्ट रोड पुल के नीचे दोपहर दो बजे कूड़े का अंबार देखने को मिला। हनुमान नगर में शिव मंदिर के पीछे प्लॉट में पॉलिथीन और गंदगी फैली हुई हैं। इसी मार्ग पर कुछ दूर चलने पर सड़क पर कचरा फैला मिला।
अंबाला रोड पर बस अड्डे से जनमंच की तरफ जाने वाले मार्ग पर आधी सड़क पर कचरा फैला मिला। वहीं, आईटीसी रोड पर छोटी लाइन के पास वाहनों के बीच डलावघर का नजारा दिखा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी का कहना है कि सफाई व्यवस्था में काफी सुधार है। कूड़ा उठान समय से हो रहा है। कुछ रेहड़े वाले बाद में कूड़ा लाकर डालते हैं, जिससे गंदगी रह जाती है। इस समस्या को भी दूर किया जा रहा है।
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नगर पंचायतों में सफाई के नाम पर खानापूर्ति
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सहारनपुर। शहर के साथ नगर पंचायत में भी सफाई व्यवस्था बदहाल है। बाजारों में लगे गंदगी के ढेर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं। स्थानीय लोग शिकायत करते थक चुके हैं, लेकिन समस्या बरकरार है।
गंगोह में बड़े हनुमान मंदिर के पास बीच बाजार में लगे कचरे के ढेर सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। इससे राहगीरों के साथ स्थानीय दुकानदारों को परेशानी होती है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। गंगोह युवा व्यापार उद्योग मंडल के नगर अध्यक्ष मनोज गोयल, सागर पंडित, शिवम सैनी, भगत सिंह सोसायटी के अध्यक्ष शुभम सैनी आदि का कहना है कि एसडीएम व ईओ कई बार सफाई व्यवस्था दुुरुस्त कराने का आश्वासन दे चुके हैं, मगर सुधार नहीं है। ईओ कृष्ण मुरारी का कहना कि समस्या को जल्द दूर कराया जाएगा।
नवगठित नगर पंचायत छुटमलपुर में कहने को डेढ़ दर्जन प्राइवेट सफाई कर्मचारी स्वच्छता अभियान में लगे हैं। नाले नालियों में गंदगी अटी है। फतेहपुर में जैन बाग के सामने जीत ढाबे वाली गली से पैदल गुजरना दुश्वार है। यहां नालियों का गंदा पानी सड़क पर भरा है। हुकमचंद गुप्ता, विजयपाल कांबोज, रोहित कुमार आदि का कहना है कि उन्हें अपने घर जाने के लिए भी दूसरा रास्ता इस्तेमाल करना पड़ता है।
तीतरो के ठोला फतेहपुर में स्वच्छता अभियान को सफाई कर्मियों की लापरवाही से पलीता लग रहा है। इस कारण ग्रामीणों में रोष है। शिव कुमार, विपिन, अनिल कुमार का कहना है कि सफाई न होने के कारण गांव में काफी लोग डेंगू बुखार की चपेट में आ गए थे। बड़गांव निवासी सुखपाल सिंह का कहना है कि हमारे गांव में सफाईकर्मी नियमित सफाई करने नहीं आते हैं। गलियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
साढौली कदीम के पठानपुरा अहतमाल में जगह जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां अटी पड़ी हैं। रास्तों पर पानी भर रहा है। ममता, सरजीत, रामकली, सुषमा, शफाकत आदि का कभहना है कि लंबे समय से उनके घरों के सामने पानी भरा है। सरकार द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान गांव में दिखाई नहीं दे रहा है।