सहारनपुर। सीएए को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शहर में पिछले दो सप्ताह से हर तरह के कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। कुछ प्रमुख कारोबारियों का कहना है कि प्रदर्शनों और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से सात करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसलिए वे जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य हालात और पूर्व की तरह कारोबार चाहते हैं। उनका कहना है कि कुछ शरारती तत्वों के कारण यह सब परेशानी हो रही है। कारोबारियों ने कहा अधिकांश कारोबार डिजिटल होने से भी परेशानी बढ़ी है।
क्या बोले कारोबारी
इंटरनेट सेवाओं पर निर्भर एलआईसी, शेयर मार्केट और निवेश योजनाओं से जुड़ी सेवा देने वाले डॉ. आदित्य राठी कहते हैं कि इस समय 35 फीसदी से भी ज्यादा कामकाज प्रभावित हो गया है। नई पालिसी, नई निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी देने से लेकर निवेश करने तक में समस्याएं आ रही हैं। कुछ निवेशक तो श्रीलंका सहित अन्य देशों में हैं, जिनके काम नहीं हो पा रहे हैं।
सराफ कारोबारी गौतम शंकर सिंघल कहते हैं कि अधिकतर ग्राहक अब डिजिटल पेमेंट करते हैं। पेटीएम, फोन पे, गूगल पे आदि माध्यम से भुगतान किया जाता है। बिलिंग प्रोसेस में परेशानी आ रही है। बैंक से भी अधिक राशि नहीं निकल पाती है। रोजाना 50 से 60 लाख का कारोबार शहर में प्रभावित हो रहा है।
हौजरी कारोबारी रोहित कहते हैं कि वाईफाई और ब्राडबैंड सेवाएं न हों तो इंटरनेट और आनलाइन सेवा बंद होने से व्यापार और भी प्रभावित हो जाता। यहां के हौजरी उत्पाद स्थानीय स्तर पर खरीदने के अलावा बाहरी शहरों में भी जाते हैं। मौजूदा हालात को लेकर भी लोग आशंकित है। इससे 20 से 30 फीसदी तक कारोबार प्रभावित हुआ है। रोजाना 55 से 70 लाख तक का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
कपड़ा कारोबारी बॉबी सुखेजा का कहना है कि जब से डिजिटल सेवाएं बढ़ी हैं, तब से बिलिंग से लेकर अन्य सारे काम आनलाइन हो रहे हैं। जाहिर है कई दिन तक नेट बंद रहने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा कई जिलों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा का भी सीधा असर आर्डर, माल सप्लाई आदि पर पड़ा है। उन्हें लगता है कि अब तक तीन करोड़ से अधिक का तो कपड़ा कारोबार ही प्रभावित हुुआ है।
आनलाइन सेवाएं बाधित होने से हजारों आवेदकों की परीक्षाएं अटकीं
आनलाइन सेवाएं बाधित रहने के कारण ही यूपी-टीईटी, अधीनस्थ सेवा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के 70 हजार से अधिक आवेदकों की परीक्षाएं इन दिनों अटकी हुई हैं। इनमें से अधीनस्थ सेवा की परीक्षाएं जनवरी के लिए तय कर दी। इनके अलावा यूपी बोर्ड और सीबीएसई के हजारों परीक्षार्थी इंटरनेट और आनलाइन सेवाएं बाधित होने से परेशान हैं। वहीं, ट्रेनों में बुकिंग, आरक्षण सहित अन्य आनलाइन सेवाओं के लिए लोगों को परेशानी हो रही है।
नेट सेवाएं बंद होने से फायदा कम, परेशानी ज्यादा
यूपी-टीईटी की तैयारी कर रहे आकाश कुमार, सुदेश, श्रुति और अभिराम का कहना है कि 22 दिसंबर को ही एग्जाम हो जाना था। मगर अब परीक्षा स्थगित होने से उनके साथ ही हजारों परीक्षार्थी परेशान हैं। उनके लिए इंतजार लंबा होता जा रहा है। नेट बंद होने से फायदा कम और परेशानी ज्यादा बढ़ गई है।
यूपी टीईटी, अधीनस्थ सेवा, रेलवे, पुलिस से लेकर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले राकेश पुंडीर कहते हैं कि सहारनपुर सहित कई जिलों में आनलाइन सेवाएं बाधित होने से इस समय सबसे अधिक परेशानी इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को ही हो रही है। जल्द ही इंटरनेट और आनलाइन सेवाएं सुचारु कर इन्हें कराया जाना चाहिए। इंटरनेट बंद करने से भी घटनाएं तो कम नहीं हुई हैं। शरारती तत्वों पर तो सरकारी तंत्र ही लगाम लगा सकता है।
उत्तर प्रदेेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण गुट) के जिलाध्यक्ष डॉ. युद्धवीर सिंह का कहना है कि एग्जाम सीजन में इंटरनेट और आनलाइन सेवाएं बाधित होने से परेशानी बढ़ी है। बोर्ड परीक्षार्थी एग्जाम से जुड़ी सामग्री न तो डाउन लोड कर पा रहे हैं और न ही अन्य युवा प्रतियोगी परीक्षाएं दे पा रहे हैं।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वरुण शर्मा ने कहा कि इंटरनेट सेवाएं बंद होने से बोर्ड परीक्षार्थियों, व्यापारियों, रेलयात्रियों, खाताधारकों से लेकर आम लोगों तक को परेशानी हो रही है। दो सप्ताह से ज्यादातर कामकाज ठप हो रहे हैं। इससे फायदा कम और परेशानी ज्यादा बढ़ी है। इस ओर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।
सपा महानगर अध्यक्ष मोहम्मद आजम शाह कहते हैं कि सुरक्षा और शांति के लिए प्रशासन का गंभीर रहना अपनी जगह सही है। मगर इस समय हजारों युवाओं के साथ उद्यमी और व्यापारी तक परेशान है। इसलिए नेट सेवाओं में तो कम से कम राहत मिलनी चाहिए।
परेशानी तो है मगर सुरक्षा शांति के लिए जरूरी
इंटरनेट सेवाएं बंद होने से निश्चित रूप से परेशानी होती है, मगर सहारनपुर ही नहीं अन्य जिलों में भी शरारती तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने, अफवाहों को रोकने और शांति सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऐसा करना पड़ा है। ऐसे मौके पर सभी से सहयोग अपेक्षित है। - दिनेश कुमार, एसएसपी।
व्यापारी रोहित घई- फोटो : SAHARANPUR
बॉबी सुखेजा- फोटो : SAHARANPUR
व्यापारी गौतम शंकर सिंघल- फोटो : SAHARANPUR