सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अधूरे कार्यों का लोकार्पण कराने और नलकूपों के भवन निर्माण व बोरिंग आदि का कार्य जल निगम ग्रामीण मेरठ से कराने के मामले में उप सचिव समन्वय के पत्र के बाद नगर आयुक्त गजल भारद्वाज ने भी मामले में अपने स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने नगर निगम के जल कल विभाग के महाप्रबंधक को पत्र जारी करते हुए दोनों मामलों में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 नवंबर को सहारनपुर पहुंचकर अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया था। कुछ ऐसे कार्य थे, जिनका कार्य 50 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ था, लेकिन उनका भी लोकार्पण करा दिया गया। अमर उजाला ने इस पर समाचार प्रकाशित किया था, साथ ही एक सवाल यह भी उठाया था कि जल निगम सहारनपुर होने के बावजूद पंप हाउस निर्माण और बोरिंग आदि का कार्य जल निगम ग्रामीण मेरठ से क्यों कराया जा रहा है। जल निगम के उप सचिव समन्वय ने इस बात पर खेद व्यक्त किया था कि जल निगम सहारनपुर होते हुए जल निगम मेरठ क्यों कार्य कर रहा है। उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र जारी करते हुए कार्यों को जल निगम मेरठ से जल निगम सहारनपुर को हस्तांतरित करने को कहा था। मामले में नगर आयुक्त गजल भारद्वाज ने जल कल विभाग के महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य को पत्र जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा है।
महाप्रबंधक द्वारा बताया गया है कि जल निगम मेरठ से कार्य कराने की वजह यह है कि उस समय सहारनपुर में जल निगम की डिवीजन ही नहीं थी। यदि ऐसा है तो फिर तो सही किया गया है। महाप्रबंधक से लिखित जवाब मिलने के बाद हम उप सचिव के पत्र का जवाब बनाकर भेजेंगे।
- गजल भारद्वाज, नगर आयुक्त।