देखते ही देखते पूूरी तरह जल गया घर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
चुहड़पुर कलां गांव में एक गरीब परिवार के छप्पर के घर और पशुशाला में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। धू-धू कर जल रहे फूस के घर में सो रही महिला ने बमुश्किल अपनी और अपने दो बच्चों की जान बचाई।
पशुशाला में बंधे दो मवेशियों को तो ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक गाय और उसकी बछिया को लोग नहीं बचा पाए। वे आग में जिंदा जल गए। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
नेमचंद उर्फ काक्कू ने बताया कि गांव के एक छोर पर उसका छप्पर का मकान और उसके सामने ही छप्परनुमा पशुशाला थी। चारदीवारी के अंदर बने फूंस के घरों में शनिवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक आग की लपटे उठने लगी।
मकान के अंदर अपने दो बच्चों को लेकर सो रही नेमचंद की पत्नी शालू मुश्किल से बच्चों को लेकर बाहर आई और शोर मचाया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने धू-धू कर जल रही पशुशाला में बंधे चार मवेशियों में से दो गायों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक गाय एवं बछड़ी को लोग नहीं निकाल पाए। दोनों मवेशी आग में जिंदा जल गए।
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर के पीछे पानी से भरे टैंकर जोड़कर प्रेशर से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। जब तक आग बुझी मकान और पशुशाला जलकर राख हो चुके थे। पीड़ित परिवार ने बताया कि तीन हजार रुपये की नगदी समेत उनका करीब 1.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।