फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाल श्रम उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री ने अफसरों को दिए दिशा निर्देश

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से श्रम विभाग के अधिकारियों और श्रम उन्मूलन समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस दौरान सीएम ने बाल श्रमिक विद्या योजना (कंडीशनल कैश ट्रांसफर योजना) का शुभारंभ किया गया।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के साथ ही श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव राजेन्द्र तिवारी एवं प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चन्द्रा ने बैठक के माध्यम से बताया गया कि बाल श्रमिक विद्या योजना का उद्देश्य आठ से 18 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे कामकाजी बच्चों की आय की क्षतिपूर्ति करना है जिनके माता या पिता अथवा दोनो की मृत्यु हो चुकी हो, ऐसे परिवार जहां माता-पिता दोनों स्थायी रूप से दिव्यांग हों, ऐसे परिवार जहां महिला या माता परिवार की मुखिया हो, ऐसे परिवार जहां माता-पिता दोनों किसी गंभीर असाध्य रोग से पीड़ित हों। इसमें कामकाजी बच्चों में बालकों के लिए एक हजार और बालिकाओं के लिए 12 सौ प्रति माह मिलेगी। यह सहायता लाभार्थी कामकाजी बच्चे/किशोर को अधिकतम पांच वर्षों तक अथवा कक्षा-10 तक की शिक्षा (जो भी स्थिति पहले हो) पूर्ण करने तक ही प्रदान की जाएगी। हालांकि सहारनपुर मंडल के जिलों में कामकाजी बच्चों की संख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में इस योजना का लाभ अभी यहां नहीं मिल सकेगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में उप श्रम आयुक्त सहारनपुर मंडल शक्ति सेन मौर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामेंद्र सिंह, दिनेश सेठी, रोहित घई, श्रम प्रवर्तन अधिकारी एनके चौधरी, संतोष त्रिपाठी, केपी सिंह, सहायक गिरवर सिंह, छिंदन उपाध्याय आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें