संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। बाबा जाहरवीर गोगा की ननिहाल सरसावा में सप्तमी तिथि को छड़ी यात्रा निकाली गई। इसमें बैंड बाजों की धुन पर भक्तगण नाचते गाते हुए छड़ी तथा बाबा जाहरवीर गोगा की पहचान नेजा लेकर चल रहे थे।
नगर में शनिवार को गोगा म्हाड़ी मेला आरंभ हुआ। बीते कई दिनों से नगर परिक्रमा करते हुए सभी छड़ी एवं नेजा अंबाला रोड पहुंचे। शाम सात बजे परंपरागत रूप से छड़ी दौड़ भी हुई। सभी छड़ी अंबाला रोड पर गोगा म्हाड़ी स्थल पर स्थापित की गई। यहां तीन दिन तक प्रवास करने के उपरांत छड़ी अपने मूल स्थान पर लौट जाएंगी।
बता दें की नगर सरसावा बाबा जाहरवीर गोगा की माता बाछल देवी का मायका है। जाहरवीर गोगा की ननिहाल होने के कारण सरसावा क्षेत्र में छड़ी यात्रा एवं छड़ी पूजन का विशेष महत्व है। सरसावा नगर में सोनू भगत, रामपाल भगत, ग्राम रूपड़ी, भूषण भगत के यहां से छड़ियां तथा नेजा परंपरागत रूप से बैंड बाजे के साथ निकाला जाता है। इस अवसर पर अंबाला रोड पर मेला भी लगता है।