सहारनपुर। बदलते मौसम और पटाखों के धुएं ने लोगों की सांसें फुला दी हैं। जिला अस्पताल में सांस के 20 फीसदी रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बदल रहे मौसम और पटाखों के धुएं की वजह से सांस के मरीजों को ज्यादा दिक्कत हुई है।
वातावरण में घुले पटाखों के धुएं और स्मॉग की वजह से पुराने दमा के रोगियों की परेशानी पहले से काफी बढ़ गई है। एसबीडी जिला अस्पताल में एमडी फिजिशियन डॉ. बीएस सोढ़ी ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के बाद दमा और सांस के मरीजों की तकलीफ बढ़ी है। ओपीडी में प्रतिदिन 250 से 300 मरीज आते हैं। इनमें सबसे अधिक बुजुर्ग सांस लेने में दिक्कत और खांसी की समस्या लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण से केवल फेफड़े और दिल ही नहीं शरीर का प्रत्येक अंग प्रभावित होता है। इसके अलावा सिर दर्द की समस्या होती और नर्वस सिस्टम भी प्रभावित होता है। ऐसे मौसम में बीमार बच्चों और बुजुर्ग आदि को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। घर से बाहर निकलते समय मास्क और चश्मा आदि का प्रयोग करें।
ऐसे करें बचाव
सुबह सैर पर खाली पेट न जाएं।
घर के आसपास धूल हो तो पानी का छिड़काव करें।
हो सके तो घर में ही व्यायाम करें।
मुंह और नाक पर कपड़ा रखकर घर से बाहर निकलें।
धूम्रपान न करें।
दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
नियमित रूप से श्वसन संबंधी व्यायाम करें।
ड्राइविंग के समय कार के शीशे बंद रखें।