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Saharanpur News: न्यायिक प्रक्रिया में मील का पत्थर साबित होंगे कानूनों में बदलाव

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अ​खिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अ​धिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं
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सहारनपुर। सरकार द्वारा कानून में बदलाव के लिए लोकसभा में पेश किए गए विधेयक पर सहारनपुर के अधिवक्ताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बदलाव को सराहनीय बताने के साथ ही न्यायिक प्रक्रिया में सुधार आने की उम्मीद जाहिर की है। अधिवक्ताओं का मानना है कि कानून में जो बदलाव किये गये हैं वो कानून की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे जो न्यायिक सुधारों की प्रक्रिया को गति देंगे।
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दंड संहिता में सुधार सामाजिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जिनसे सामाजिक अपराधों पर अंकुश लगेगा। इसी प्रकार साक्ष्य अधिनियम में सुधार का न्यायिक प्रक्रिया को अनावश्यक औपचारिकता से मुक्त किया गया है और वादों को निश्चित समयावधि में निस्तारित करने के प्रावधान है। इससे न्यायिक प्रक्रिया में गतिशीलता आएगी और समाज के गरीब व्यक्तियों को सुलभ व सस्ता न्याय उपलब्ध होगा। इससे अंग्रेजों के समय से चली आ रही न्यायिक विसंगतियां दूर होगी। - अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन

- अंग्रेजों द्वारा स्थापित किए गए कानून को बदलने के लिए पेश किए गए बिल सराहनीय हैं। आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम में बदलाव की जरूरत थी। तत्कालीन परिस्थितियों में यह सही रहे होंगे किंतु वर्तमान में बदलाव जरूरी था। मोटर व्हीकल एक्ट में दुर्घटना में हुई मृत्यु का जुर्म जमानती है, जो अंग्रेजों ने अपने फायदे के लिए बनाया था क्योंकि उस समय मोटर वाहन उन्हीं के पास हुआ करते थे किंतु वर्तमान समय में रोजाना हो रही दुर्घटनाओं में यह प्रासंगिक नहीं है। - अरविंद शर्मा, अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन
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- कानून में बदलाव की कोई जरूरत नहीं थी बदलाव की जरूरत है उन्हें लागू करने वालों में। बदलाव की जरूरत है उन्हें पालन करवाने वालों में। कानून को लागू करने वाले और उनका पालन करवाने वाले अगर ईमानदार होंगे तभी न्याय मिल पाएगा। - चौ. जान निसार अहमद वरिष्ठ अधिवक्ता
- कानून में बदलाव बिल्कुल ठीक है जो कि पहले ही हो जाना चाहिए था। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानून ताकतवर लोगों के लिए थे। ताकतवर लोग अपनी सुविधा अनुसार उनका उपयोग किया करते थे। बदले गए कानून को समझने में वरिष्ठ अधिवक्ताओं को थोड़ी परेशानी होगी किंतु फिर भी कानून में बदलाव सराहनीय है। - अशोक पुंडीर, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन
- कानून में बदलाव अच्छा है। कुछ मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है वर्तमान परिस्थितियों में जो कानून प्रासंगिक नहीं है उन्हें हटाया जाना चाहिए। इससे न्यायालय में कार्यों में तेजी आएगी। शीघ्र न्याय मिलेगा सामुदायिक सेवा का प्रावधान भी अत्यंत सराहनीय है।- सुरेंद्र पाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन

- बदलाव न्याय की प्रक्रिया में क्रांति लाएंगे तथा न्याय की लचर व्यवस्था में सुधार होगा। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानून से न्याय प्रक्रिया चल रही थी जिसमें काफी कमियां थीं। अब उनमें सुधार की अत्यंत आवश्यकता है और बदलाव बेहद जरूरी है। - नितिन शर्मा, एडवोकेट पूर्व सचिव सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन

- कानूनों में बदलाव समय की मांग थी। नाबालिग से गैंगरेप और आतंकवाद जैसे अपराधों में फांसी की सजा एक अच्छा बदलाव है। माब लिचिंग को संहिता में स्थान देना भी जरूरी था। कुल मिलाकर अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों को बदलकर सरकार ने एक अच्छा काम किया है। - सूर्य प्रकाश शर्मा एडवोकेट

अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं

अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं

अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं

अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं

अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं

अखिलेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन। श्रोत-स्वयं

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