भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नौटियाल ने शासन और प्रशासन पर चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि यदि चंद्रशेखर को सहारनपुर जेल से किसी अन्य जनपद की जेल में शिफ्ट किया गया तो देश भर में आंदोलन होगा। वह सोमवार को देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास में पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
नौटियाल ने कहा कि हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शासन और प्रशासन ने साजिश के तहत आनन फानन में चंद्रशेखर पर रासुका लगाई। भीम आर्मी ने इसका विरोध किया तो प्रशासन ने कहा कि एक महीने बाद इसे हटा दिया जाएगा। बाद में अवधि तीन महीने और फिर छह महीने कर दी है।
प्रशासन लगातार झूठ बोलकर भीम आर्मी को उकसाने का काम कर रहा है। जिस प्रकार से चंद्रशेखर पर फर्जी मुकदमे लगाए गए हैं उन्हें लेकर देश भर के दलितों और मुस्लिमों में रोष है। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर की रिहाई के लिए 18 फरवरी को देशभर में जिलास्तर पर धरना दिया जाएगा।
सहारनपुर में शुरू होने वाला धरना अनिश्चितकाल के लिए होगा। यदि प्रशासन शांति चाहता है तो चंद्रशेखर से रासुका हटाकर उसे रिहा करे। पत्रकार वार्ता में सन्नी गौतम, रोहित नौटियाल, विनोद गौतम, रोहितराज गौतम, दीपक बौद्घ, सचिन गौतम, सतीश कुमार, प्रवीण गौतम, राजन गौतम, कऱ्पिल, सम्राट गौतम आदि मौजूद रहे।
घरों पर ताले डालकर परिवार संग देंगे धरना
मंजीत सिंह ने बताया कि 18 फरवरी से अनिश्चितकाल के लिए होने वाले धरने में भीम आर्मी के पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ ही महिलाएं भी हिस्सा लेंगी। घरों पर ताले डालकर बच्चों के संग धरने में शामिल होने की अपील समाज के लोगों से की गई है। इस बार का धरना निर्णायक होगा।
मेरठ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे जिग्नेश
भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नौटियाल ने जानकारी दी कि चंद्रशेखर की रिहाई के लिए 18 फरवरी को अनिश्चितकालीन धरने से पहले 12 फरवरी को मेरठ में प्रदर्शन होगा, जिसमें मेरठ के युवा हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि इसमें गुजरात के दलित नेता और विधायक जिग्नेश मेवानी भी हिस्सा लेंगे। सहारनपुर से भी बड़ी संख्या में भीम आर्मी कार्यकर्ता हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे।
हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करना गलत
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कथित वीडियो देखने को मिल रही हैं, जिनमें दलित समाज के लोगों को अपने घरों से हिंदू देवी देवताओं की फोटो और तस्वीरों को निकालकर कचरे में डालने, पैरों से कुचलने और जलाना दिखाया गया है।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह का कहना है कि जो लोग हिंदू देवी देवताओं का इस तरह से अपमान कर रहे हैं भीम आर्मी उनके साथ नहीं है। यदि आप किसी देवी देवताओं को नहीं मानते हैं तो न मानों मगर उनका इस तरह अपमान करना ठीक नहीं है। इस तरह की वीडियो बनाकर शेयर करना देश की एकता के लिए ठीक नहीं है। हम संविधान को मानने वाले लोग हैं, जिसमें सभी धर्मों को समान अधिकार है।