सहारनपुर। चुनाव प्रचार थमने के साथ निकाय चुनाव निर्णायक मोड़ पर आ गया है। कस्बों में सरकार बनाने के लिए चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी हर तरीके से वोटरों को लुभा रहे हैं। जनपद में नगर निगम समेत 12 निकायों में चुनाव होंगे। भाजपा ने सभी 12 निकायों में, बसपा ने 11 निकायों में अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। इसी कारण अधिकांश निकायों में भाजपा और बसपा में सीधी टक्कर देने को मिल रही है। वहीं कुछ स्थानों पर सपा प्रत्याशी भी मुकाबले काे त्रिकोणीय बना रहे हैं। रिश्तेदारों, परिचिताें और परिजनों को चुनाव लड़ा रहे राज्यमंत्री दिनेश खटीक, बृजेश सिंह, सपा विधायक आशु मलिक, पूर्व विधायक इमरान मसूद, नरेश सैनी, माविया अली की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
बात नगर निगम की करें तो भाजपा के लिए महापौर सीट काे बरकरार रखना बड़ी चुनौती है। भाजपा ने डॉ. अजय कुमार को चुनाव मैदान में उतारा है। पूर्व विधायक इमरान मसूद अपनी भाभी खतीजा मसूद को बसपा के टिकट पर लड़ा रहे हैं। सपा विधायक आशु मलिक का भाई नूर हसन मलिक सपा से चुनाव में हैं। यहां पर मुस्लिम और दलित वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।
देवबंद नगर पालिका अध्यक्ष पर लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह अपने परिचित विपिन कुमार को चुनाव लड़ा रहे हैं। उनके सामने पूर्व विधायक माविया अली की पत्नी जहीर फातमा सपा से और जमालुददीन अंसारी बसपा के टिकट से चुनाव मैदान में हैं। वैसे तो यहां 23 प्रत्याशी चुनाव में है, मगर मुख्य मुकाबला उक्त तीनों में दिखाई दे रहा है।
सरसावा नगर पालिका में अध्यक्ष पद से निवर्तमान चेयरमैन बिजेंद्र मोगा की पत्नी वर्षा मोगा भाजपा से चुनाव लड़ रही है। वो जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक की बहन हैं। उन्हें अपने ही लोगों का विरोध झेलना पड़ रहा है। विरोध करने वाले सभी बागियों को पार्टी से बाहर निकाला जा चुका है, वो यहां निर्दलीय कोमल को समर्थन कर रहे हैं। बसपा से शकुंतला देवी मैदान में हैं।
नकुड़ नगर पालिका से बसपा के मोहम्मद इस्लाम जर्राह, भाजपा से शिवकुमार गुप्ता चुनाव मैदान में हैं। दोनों को भाजपा के बागी धनीराम सैनी और बसपा के बागी खालिद खान निर्दलीय चुनाव लड़ कर कड़ी चुनौती दे रहे हैं। दोनों ही चुनाव परिणाम को प्रभावित करेंगे। गंगोह नगर पालिका से भाजपा की कविता, बसपा से शाजिया, कांग्रेस से शाहजहां और रालोद से शमा चुनाव मैदान में है। यहां नोमान मसूद इस बार शाजिया को चुनाव लड़ा रहे हैं।
चिलकाना नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर दो ही प्रत्याशी होने पर बसपा से निवर्तमान चेयरमैन अकबर कुरैशी और भाजपा की फूलबानो के बीच सीधा मुकाबला है। बेहट में भाजपा के संजीव कर्णवाल के अलावा कोई भी राजनीतिक दल का प्रत्याशी नहीं है। उन्हें पूर्व विधायक नरेश सैनी चुनाव लड़ा रहे हैं। उनका भी सीधा मुकाबला निर्दलीय चुनाव लड़ रहे निवर्तमान चेयरमैन अब्दुर रहमान से है। अंबेहटा पीर में गठबंधन नहीं निभाया गया। यहां पर सपा की इशरत जहां, रालोद की रेशमा, बसपा से निवर्तमान चेयरमैन गुलशाना, कांग्रेस से जुबेरिया और भाजपा से सपना रोहिला अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं।
छुटमलपुर में पहली बार चेयरमैन बनने के लिए 18 प्रत्याशी मैदान में है। भाजपा की मंजू शर्मा, बसपा के नाजिम, सपा की शमा, कांग्रेस के अब्दुल हसीब हैं, जबकि भाजपा के बागी अंकित वर्मा भी जमकर ताल ठोंक रहे हैं। तीतरों नगर पंचायत में सपा के तैमूर, बसपा के जसवंत सिंह, भाजपा के देवराज, आसपा के अरशद, कांग्रेस की नसीमा खान चुनाव मैदान में हैं। नानौता से निवर्तमान चेयरमैन निशात फातमा बसपा से हैं उनका सीधा मुकाबला भाजपा की अलका शर्मा से है। रामपुर मनिहारान नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर बसपा की रेणू, सपा की सुदेशना, भाजपा की सुशीला देवी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।