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Saharanpur News: कंपनी बाग में 10 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फाॅर हनी

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सहारनपुर में औद्यानिक प्रयोग प्र​शिक्षण केंद्र
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- बेहतर होगी शहद की गुणवत्ता, बढ़ेगा निर्यात
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5700 से अधिक मधुमक्खी पालक जनपद में
4720 मीट्रिक टन से अधिक है शहद का सालाना उत्पादन जिले में
फोटो समाचार
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
देवेंद्र कुमार
सहारनपुर। जनपद के मधुमक्खी पालकों के लिए खुशखबरी है। कंपनी बाग में जल्द ही 10 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी बनाया जाएगा। इसमें आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, शहद प्रसंस्करण इकाई से लेकर शहद जांच के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त इकाई आदि स्थापित की जाएगी। इसमें मधुमक्खी पालक सस्ती दरों पर शहद का प्रोसेस करा सकते हैं। इसके बनने से न सिर्फ उच्च गुणवत्ता युक्त शहद तैयार होगा बल्कि इसके निर्यात में भी इजाफा होगा।
शहद उत्पादन में जनपद का प्रदेश में अहम स्थान है। जनपद में 5700 से अधिक लोग मधुमक्खी पालन व्यवसाय से जुडे हैं और प्रतिवर्ष औसतन 4720 मीट्रिक टन से अधिक शहद का उत्पादन होता है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार कंपनी बाग में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी बनाएगी। इसमें 100 लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशिक्षण केंद्र, हनी टेस्टिंग लैब, आधुनिक हनी प्रोसेसिंग प्लांट, मधुमक्खी बॉक्स निर्माण इकाई आदि बनाई जाएंगी। साथ ही मधुमक्खियों से प्राप्त होने वाले अन्य उत्पादों रॉयल जैली, मौन विष, पोलन आदि की प्रोसेसिंग की सुविधा भी होगी।
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इस सेंटर के बनने से जहां जनपद के मधुमक्खी पालकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सकेगा, वहीं उनके शहद की सस्ती दरों पर प्रोसेसिंग भी हो सकेगी। साथ ही केंद्र में पैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। शहद निकालने के बाद उसमें पानी की अधिकता के चलते शहद के खराब होने की आशंका रहती है। इसके चलते मधुमक्खी पालक जल्द और औने-पौने दामों पर शहद को बेच देते हैं। इस केंद्र के बनने से सस्ते दामों पर शहद बेचने को मजबूर मधुमक्खी पालकों को राहत मिलेगी। कम दामों में प्रोसेसिंग होने के बाद मधुमक्खी पालक अपने शहद को अच्छे भाव पर बेच सकेंगे। संवाद
मधुमक्खी पालकों को दिलाया जाएगा विदेशों में प्रशिक्षण
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर हनी में मधुमक्खी पालकों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इसमें प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को विदेशाें में भी प्रशिक्षण दिलाने का प्रावधान है। जिससे मधुमक्खी पालक विदेशों में उच्च गुणवत्ता युक्त शहद उत्पादन के गुर सीखकर इसके निर्यात को बढ़ा सकें। इसके लिए जनपद के प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों को चिह्नित किया जाएगा।
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दस करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस सेंटर का निर्माण कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूरा होना है। इसके लिए जल्द ही धनराशि की पहली किस्त जारी होने वाली है। इस सेंटर को बनाने के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है। इस सेंटर के निर्माण से न सिर्फ शहद की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि शहद के निर्यात में भी इजाफा होगा।

- सुरेश कुमार, संयुक्त निदेशक, औधानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र
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