सहारनपुर में अवैध खनन से जुड़ी जांच में जुटी सीबीआई की टीम ने बुधवार को तीसरे दिन खनन पट्टाधारक एमएलसी महमूद अली सहित 13 लोगों से लंबी पूछताछ की।
इसमें जारी किए गए पट्टों की अवधि, कराए गए खनन, अवैध खनन पर शिकायत सहित कई सवालों के जवाब मांगे गए। इसके अलावा पांच स्टोन क्रशर संचालकों को बुलाकर उनका पक्ष जाना गया।
प्रशासन की ओर से जारी किए गए 437 नोटिस और शिकायतों को आधार मानकर सीबीआई अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। तीसरे दिन सीबीआई जांच में आई तेजी से यह बात साफ हो गई है कि अवैध खनन में अब अफसरों पर शिकंजा कस सकता है।
न्यायालय के आदेश पर सहारनपुर पहुंची सीबीआई की टीम ने तीसरे दिन पट्टाधारकों और स्टोन क्रशर संचालकों से पूछताछ की। इसमें एमएलसी महमूद अली सहित अलग-अलग 13 लोगों से लंबी पूछताछ में कई बिंदू शामिल रहे।
पट्टाधारकों ने सीबीआई टीम को बताया कि उनके पट्टे वर्ष 2011 में जारी हुए थे और इसके बाद लगातार रिन्युअल होते रहे। वे अपने पट्टों पर नियमानुसार खनन करते थे, मगर हरियाणा और अन्य जगहों के लोग आकर वहां अवैध खनन करते रहे।
इसकी शिकायत समय-समय पर प्रशासन से की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं, पट्टे केवल बेहट क्षेत्र में जारी हुए थे। मगर, पूरे जिले में जगह-जगह अवैध खनन होता था।
पट्टा धारकों ने बताया इसकी शिकायत हमारी ओर से की गई, मगर यह बंद नहीं हुआ। सीबीआई टीम को उन्होंने बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद खनन और परिवहन पूरी तरह से बंद है। इसके बाद सीबीआई टीम ने कई सवाल पूछे।
सीबीआई प्रदेश में हुए अवैध खनन की जांच कर रही है। इसी के तहत मंगलवार को रिकार्ड खंगालने में जुटी रही। तीसरे दिन सीबीआई की टीम ने सर्किट हाउस में पुराने रिकार्ड के आधार पर ही पट्टा धारकों और अन्य लोगों से लंबी पूछताछ की।
जिला प्रशासन की ओर से सीबीआई को दिए गए पांच साल के रिकार्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खुलासा किया गया है। अवैध खनन की शिकायतों पर निचले स्तर पर रिपोर्ट के बाद भी अफसरों ने अवैध खनन करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की।
मिलीभगत के चलते करीब 437 मामले फाइलों में दबा दिए गए। इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की टीम भी अवैध खनन की जांच कर चुकी है।
इसमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत को सही पाया गया था। बावजूद इसके अफसरों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में 2012 से लेकर 2017 तक के जिलाधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। इसके अलावा सहारनपुर से निलंबित हुए खनन अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।