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Saharanpur News: मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी कैथ लैब, दिल के मरीजों का होगा इलाज

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- जिले में हृदय से जुड़ी बीमारियों के लिए मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर
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- मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कैथ लैब के लिए 11 करोड़ का प्रस्ताव भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। लोगों को हृदय से जुड़ी समस्या के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। लैब में दिल के मरीजों की एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी की सुविधा रियायती दरों पर मिलेगी।

अंबाला रोड पर पिलखनी में शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज 410 बेड का है। अभी एमआरआई जांच के लिए मशीन नहीं आई है। इसकी शासन से स्वीकृति मिली हुई है। मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड किया जा रहा है। अब लोगों को हार्ट अटैक आने व हार्ट से जुड़ी अन्य परेशानियों का समय पर इलाज मिल पाएगा। अभी तक लोगों को हार्ट से जुड़ी बीमारियों के लिए देहरादून, चंडीगढ़, दिल्ली और मेरठ जाना पड़ता है।
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हार्ट से जुड़ी समस्याओं में समय पर इलाज न मिलने के कारण कई लोगों की मौत भी हो जाती है। जिले में ही कैथ लैब की सुविधा मिलने से लोगों की जान बचाने में आसानी होगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब के लिए शासन में करीब 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
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क्या है एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी
एंजियोग्राफी रक्त वाहिनी नलिकाओं धमनी और शिराओं का एक्सरे जैसा अध्ययन है। इसका प्रयोग हृदय रोग, किडनी संक्रमण, ट्यूमर और खून का थक्का जमने आदि की जांच में किया जाता है। हृदय के ठीक से काम न करने पर शरीर में रक्त का संचार रुक जाता है। एंजियोग्राफी से हृदय की धमनी में रुकावट व सिकुड़न का पता लगता है।



एंजियोग्राफी के बाद बीमारी से ग्रसित धमनियों को खोलने के लिए ही एंजियोप्लास्टी की जाती है। इससे मांसपेशियों में खून का प्रवाह बढ़ जाता है। हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है।
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वर्जन

राजकीय मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शासन में प्रस्ताव भेजा गया है। इसके बाद हार्ट के मरीजों को दूसरे जिलों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



- डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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