सहारनपुर। फर्जीवाड़ा करके अभिलेखों में सड़क की जमीन को अपनी दर्शाकर अलग अलग समय पर कई बैनामा करने में बेचने और खरीदने वाले 42 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में लोक निर्माण विभाग की तरफ से भी 20 दिन पूर्व ही जनकपुरी थाने पर तहरीर दी गई थी, लेकिन जनकपुरी थाना पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी थी। अब सदर तहसील के लेखपाल प्रदीप कुमार गुप्ता की तहरीर पर सदर बाजार थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज हुई है।
इस मामले में शहर के शिव विहार निवासी नितिन अग्रवाल ने कई साल से आरोपियों के खिलाफ शिकायत करने के अलावा राजस्व न्यायालय में वाद भी डाला था। उस वाद में आरोपियों द्वारा जनता रोड पर सड़क की जमीन को अपनी दर्शाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से बैनामे कराए जाने की पुष्टि हुई थी। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने भी मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिए थे। इसी के चलते बुधवार को लेखपाल प्रदीप कुमार की तहरीर पर सभी 42 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। सदर बाजार कोतवाली प्रभारी पंकज पंत का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
सरकारी जमीन के बैनामे करने और खरीदने वाले आरोपियों में यशपाल, धीर सिंह, महावीर सिंह, इलम सिंह, कांति, तौकीर, नाजिम, दर्शन सिंह, हेमराज, सुखविंद्र सिंह, इंतखाब आलम, दिलशाद, सलीम अहमद, नजमा बेगम, संजीत कुमार, गुफरान, भूरा, सागर नागपाल, महबूब, जुल्फकार, जुनैद अहमद, रिजवान, फुरकान, मुस्तकीम, भूरा पुत्र गयूर, ओमवती, सईदा बेगम, आसिफ, आस्था खेड़ा, याकूब, महमूद, शोभाराम, इंतखाब आलम पुत्र आतिक, कुरडी सिंह, धर्म सिंह, धर्मपाल, तोहिद हुसैन, आसिफ, शाहरुख, अब्दुल हमीद, रिजवान पुत्र हनीफ और कारपोरेशन बैंक दिल्ली रोड सहारनपुर शामिल हैं।