फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सावधान! कहीं जानलेवा साबित न हो जाए आतिशबाजी

विज्ञापन
careful Fireworks may not prove fatal anywhere
विज्ञापन
सहारनपुर। 27 अक्तूबर को दीपावली पर्व मनाया जाएगा। दीपावली की खुशी में आतिशबाजी की जाएगी, लेकिन लोगों को आतिशबाजी चलाते करते हुए कई सावधानियां बरतनी होगी। ऐसा न करना जानलेवा साबित हो सकता है। धुएं और तेज धमाके वाले पटाखे खासकर सांस व हार्ट के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हैं।
विज्ञापन

पटाखों से होने वाले घातक परिणाम को लेकर वरिष्ठ फिजीशियन डाक्टर संजीव मिगलानी ने टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि आतिशबाजी जहां पर्यायवरण के लिए खतरनाक है, उसी तरह स्वास्थ्य के लिए भी घातक है।
डाक्टर मिगलानी के मुताबिक ज्यादा धुएं वाले पटाखों में एसपीएम, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड बहुत ज्यादा होते हैं, जिससे दमा, सांस की नली में सूजन, नजला, साइनोससाईटिस, लेरनजाइटिस हो सकता है। सामान्य इंसान की कान की क्षमता 60 डेसिबिल होती है। तेज डेसिबिल के बमों से अत्याधिक ब्लडप्रैशर, हार्टअटैक, बेचैनी और बहरा पन हो सकता है। ग्रीन लाइट निकलने वाले पटाखों में बोरियम होता है, जो जहरीला है। ब्लू लाइट निकालने वाले पटाखों में कॉपर होता है, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी होती है। इसलिए सावधानियां बरतनी जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन बातों का रखें खास ध्यान
- प्रशासन के नियमों का पालन करें।
- पटाखे जलाने की पूरी प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लें।
- पटाखे जलाते समय आंखों पर चश्मे का इस्तेमाल करें।
- खुले स्थान पर ही आतिशबाजी करें।
- आतिशबाजी चलाते समय नजदीक ही पानी भरकर रखें।
- पटाखे हाथ में लेकर न छुड़ाएं और कपड़ों से दूर रखें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें