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फतेहपुर कोविड-19 अस्पताल की क्षमता बढाई

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छुटमलपुर (सहारनपुर)। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए फतेहपुर कोविड-19 लेवल वन अस्पताल की क्षमता बढ़ा कर 45 बिस्तर कर दी। इसके साथ ही अस्पताल के कायाकल्प की तैयारी भी शुरू हो गई है। वार्ड में एसी लगाने के साथ ही अस्पताल की रंगाई पुताई का काम शुरू कर दिया।
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सहारनपुर जिले की फतेहपुर सीएचसी में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए पहला कोविड-19 लेवल वन अस्पताल स्थापित किया। शुरू में इसकी क्षमता तीस बिस्तर की। इसके बाद शेरपुर के धन्वतंरी अस्पताल में सौ बिस्तर का अस्पताल बनाया, लेकिन वह चंद दिन ही चल सका था। जरूरी सुविधाओं के अभाव में इसे बंद कर दिया। यहां के रोगी मिर्जापुर के ग्लोकल मेडिकल कॉलेज में बनाए कोविड-19 अस्पताल में शिफ्ट किए। ग्लोकल प्रबंधन द्वारा नौ करोड़ रुपये का बिल शासन को भेजे जाने के बाद इसे भी बंद कर अस्पताल द्वारा बताए खर्च की जांच बैठा दी। वर्तमान में जिले में लेवल वन का अस्पताल केवल फतेहपुर में ही चल रहा है। इसके अतिरिक्त लेवल टू का अस्पताल पिलखनी मेडिकल कॉलेज में है।
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक बार फिर से बढ़ने के साथ ही फतेहपुर कोविड की क्षमता बढ़ा कर 45 बिस्तर कर दी। वर्तमान में यहां 32 रोगी उपचाराधीन हैं। विगत 28 मई को मंडलायुक्त संजय कुमार और डीएम अखिलेश सिंह ने अस्पताल का दौरा कर यहां के कायाकल्प के निर्देश सीएमओ को दिए। इसके बाद उसकी दिन अस्पताल की चारदीवारी के बाहर किए अतिक्रमण को पुलिस ने हटवाया। दमकल विभाग की टीम भी अगले दिन सैनिटाइज कर गई। इंचार्ज डॉ. नवदीप गुप्ता ने बताया कि वार्ड में तीन एसी लगवाए हैं। इसके साथ ही अस्पताल की रंगाई पुताई का काम भी शुरू करा दिया है।
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जिले में हमारे पास मिर्जापुर, साढ़ौली, गंगोह, देवबंद आदि में आठ से दस अस्पताल चिन्हित हैं। इनमें डेढ़ हजार बिस्तर की क्षमता है। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें तत्काल कोविड-19 लेवल वन अस्पताल के रुप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्लोकल के सभी रोगी ठीक होकर डिस्चार्ज हो गए थे। वहां सभी तैयारी हैं। उसे फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।
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- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ सहारनपुर।
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