सहारनपुर। लॉकडाउन के चौथे चरण में मंगलवार तक भी शहर से देेहात तक के अधिकतर कारोबारी शासन प्रशासन की नई गाइडलाइंस को लेकर असमंजस में रहे। इसके चलते पुराने रोस्टर, कलस्टर और दोपहर 12 बजे तक की रियायत के हिसाब से ही ज्यादातर प्रतिष्ठान खुले और इसके बाद बंद कर दिए गए।
ज्वैलरी, कपड़ा, मिष्ठान, होटल, ढाबों आदि से जुड़ा कारोबार पहले की तरह बंद ही रहा। दूध, दवा, स्टेशनरी, बेकरी, इलेक्ट्रिक, परचून आइटम्स सहित अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़ा बाजार दोपहर तक खुला। अधिकतर कारोबारियों ने बताया कि उन्हें नई गाइडलाइंस को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसलिए दोपहर में ही शटर डाउन कर दिया गया। मंगलवार को शहर में साप्ताहिक बंदी भी होती है। उसका भी असर रहा। उन्होंने कहा कि गाइडलाइंस क्लीयर होंगी तो बुधवार से नई व्यवस्था के बारे में सोचेंगे। वहीं, कस्बों और देहात में कृषि उपकरण, खाद, पशुपालन से जुड़ी कुछ दुुकानें अतिरिक्त खुलीं, जबकि गंगोह, देवबंद, बेहट और रामपुर मनिहारान में अधिकतर बाजार बंद ही रहे।
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लॉकडाउन चार में मंगलवार को ये रहे बाजार के हालात
- दूध, दवा, फूड, पेट्रोल को छोड़ बाकी दुकानें 12 बजे ही बंद कर दी गईं
- होटल, ढाबे नहीं खुले, कुछ जगहों पर बेेकरी की दुकानें खोली गईं
- ज्वैलरी की दुकानें और कंपनियों के शोरूम पहले की तरह बंद रहे
- सबसे बड़े कपड़ा बाजार रायवाला, नेहरू मार्केट में गारमेंट्स की दुकानें बंद रहीं
- बिजली, पंखे, केबल आदि की पास अधिकृत दुकानों को खोला गया
- दवा की थोक और रिटेल दुकानें खुलीं, मगर इनमें रोस्टर सिस्टम लागू रहा
- दवा की दुकानों पर तहसीलवार बिक्री की गई, इसी के अनुरूप ग्राहक पहुंचे
- होटल और बैंक्वेट हाल अब तक बंद हैं, यहां अभी कोई आयोजन नहीं हुए
- हेयर सैलून, स्पा की दुकानें नहीं खुलीं, गलियों में साज-श्रृंगार की कुछ दुकानें खुलीं
- कुछ कंपनियों के मोबाइल आउटलेट दोपहर तक ही खोले गए, ग्राहक कम ही रहे
- पाइप, सरिया, बजरी, रेत की बिक्री भी दोपहर तक की गई, कुछ दुकानें बंद भी रहीं
- बुक्स, स्टेशनरी सहित अन्य दुकानें दिन के रोस्टर के हिसाब से खोली गईं
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रियायत के बाद भी शादियों की बुकिंग में होगी देरी
- होटल व्यवसायियों का कहना है कि लॉकडाउन के तीन चरणों में तो अधिकतर शादियां घरों में, मंदिरों में या किसी अन्य स्थल पर तीन से पांच लोगों के बीच हुई हैं। अब जानकारी मिली है कि शायद 20 लोगों तक की अनुमति दी जाएगी। ऐसे में महज इतने लोगों के लिए भी होटल में शादी की बुकिंग अभी मुश्किल लगती है। इसमें अभी और देर लगेेगी।
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बेकरी के बाद मिष्ठान विक्रेता भी चाह रहे अधिक छूट
- शहर के प्रमुख मिष्ठान बाजार हलवाई हट्टे में कारोबार करने वाले शंकर अरोड़ा, संजय आदि का कहना है कि किसी तरह बेकरी का व्यवसाय तो शुरू हो गया था। मगर बर्फी, रसगुल्ला, रसमलाई जैसी मिठाइयों का काम शुरू नहीं हुआ। शहर में ही इस काम से 15 हजार से अधिक लोगों की रोजी रोटी भी निर्भर है। इसमें भी अब छूट मिलनी चाहिए।
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निर्माण कार्यों से जुड़े बाजार को बड़ी रियायत की उम्मीद
- निर्माण कार्यों पर आधारित बाजार बजरी, रेत, सीमेंट, सरिया, जाली, किचन, बाथरूम, बेडरूम फर्नीचर सहित अन्य वस्तुओं से जुड़े कारोबार के लिए बड़ी रियायत की उम्मीद जताई जा रही है। इन कारोबार से जुड़े कारोबारी संजय भसीन, अशोक मलिक सहित अन्य का कहना है कि उन्हें रियायत में अधिक प्राथमिकता की जरूरत है। इससे निर्माण क्षेत्र के मजदूरों को काम मिलने के साथ ही इन प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को रोजगार की संभावनाएं बनी रहेंगी।
सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान खुलने का इंतजार कराता वुड कार्विंग मार्केट- फोटो : SAHARANPUR