ग्राम पंचायत निर्वाचन 2015 के तहत मंगलवार को दूसरे चरण का मतदान हुआ, जिसमें 81 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
तीनों ब्लॉकों में से रामपुर मनिहारान में सबसे अधिक 84 फीसदी मतदान हुआ, जबकि देवबंद में सबसे कम 77.5 फीसदी मतदाताओं ने वोटिंग की। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्व मतदान के लिए कड़े बंदोबस्त किए थे। छिटपुट घटनाओं के बीच सफल मतदान होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थी। यही वजह रही कि पहले दो घंटों यानी सात से नौ बजे तक 14.5 फीसदी मतदाता वोट डाल चुके थे। नौ से 11 बजे तक वोट डालने वालों का प्रतिशत बढ़कर 35.3 तक पहुंच चुका था। यानी इन दो घंटों में 20 फीसदी वोटिंग बढ़ी।
11 से एक बजे तक 54.3 फीसदी मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। दोपहर एक बजे के बाद मतदान करने वालों की संख्या कम होनी शुरू हो गई थी। इसका उदाहरण एक बजे से अपराह्न तीन बजे तक 69.6 फीसदी वोटिंग होना है। अंतिम दो घंटे यानी अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक 81 प्रतिशत वोट डाले गए।
इनमें रामपुर मनिहारान के मतदाताओं से सबसे अधिक जोश दिखाते हुए अपने ब्लॉक में 84 फीसदी वोटिंग की। देवबंद में सबसे कम 77.5 और नानौता में 81.5 फीसदी मतदान हुआ।
81 फीसदी मतदान को प्रशासन बंपर वोटिंग मान रहा है। हालंाकि पहले चरण में सरसावा, साढ़ौली कदीम और मुजफ्फराबाद ब्लॉकों में 83 फीसदी मतदान हुआ था, जो प्रदेश में सबसे अधिक था। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम-एफ ने भी 81 फीसदी मतदान होने की पुष्टि की।