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सराफा: दो महीनों में 12 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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सहारनपुर के सर्राफा बाजार मे एक तरफ का बाजार बंद दुसरे तरफ का बंद - फोटो : SAHARANPUR
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सराफा: दो महीनों में 12 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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सहारनपुर। हर साल अप्रैल से जून माह के अंत तक हर समय गुलजार रहने वाला सराफा बाजार इस बार दो माह से लॉकडाउन में सूना रहा। न तो बड़ी शादियां हुईं और न ही अन्य बड़े आयोजन। नवरात्र से लेकर ईद जैसे बड़े त्योहार तक इस बार लॉकडाउन में ही निकल गए। इसके चलते सराफा कारोबार को फिर से पुरानी चमक पाने में अभी लंबा समय लगेगा। अनलॉक-एक के पहले और दूसरे चरण में सराफा कारोबार की रफ्तार की उम्मीद और मौजूदा हालात जानने की कोशिश की तो अधिकतर कारोबारियों ने कहा कि पूरा लॉकडाउन खुलने के बाद ही बाजार में कुछ हद तक चमक लौटेगी। पुराने हालात में लौटने के लिए अभी दीपावली तक का समय लग सकता है। उनका कहना है कि दो माह में कम से कम 12 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
रियायतों के बाद भी नहीं उबर पाया कारोबार
शहर के प्रमुख और बड़े सराफा बाजार के पुराने कारोबारी रामराजीव सिंघल और कुलदीप अग्रवाल ने कहा कि अनलॉक-एक के दौरान अब तक बाजार खोलने की रियायत तो दे दी हैं। मगर ग्राहक ही नहीं हैं। दूसरे रोस्टर से परेशानी को देखते हुए अधिकतर कारोबारी अब तक प्रतिष्ठान खोलने को तैयार नहीं हैं। इसलिए कारोबार अब तक भी नहीं के बराबर है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून तक 2000 से भी अधिक शादियां होती थीं। इनकी बुकिंग एक माह पहले से आ जाती थी। इस बार शादियों पर भी ब्रेक लगा रहा। इक्का दुक्का शादी बेहद कम बजट में की गई। ईद पर भी कारोबार सूना रहा। अब तो दीवाली से उम्मीद है।
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पूरा बाजार नहीं तो कारोबार भी नहीं
बाजार में कुछ अन्य कारोबारियों विनोद बब्बर, जितेंद्र अग्रवाल, संजीव जैन, सुभाष और पवन गोयल ने कहा कि कभी बाएं और कभी दाएं के चक्कर में जब तक आधा बाजार खुलेगा, तब तक कारोबार गति ही नहीं पकड़ सकता। इसलिए कारोबार चलाने के लिए दोनों ओर की दुकानों को खुलने छूट दी जाए।
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कारीगरों के ठप हुए काम, कुछ बाहर चले गए
कुछ अन्य कारोबारियों विपिन और राकेश गुप्ता ने कहा कि कारोबारी तो परेशान हैं ही। इनके अलावा उनसे जुड़े सैकड़ों कारोबारियों का काप ठप हो गया। दो महीने से वे घर बैठ गए हैं। कुछ कारीगर बाहर भी जा चुके हैं। इसलिए दोहरा नुकसान हो रहा है। लॉकडाउन के साथ ही कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ आशंकाएं भी इस कारोबार पर असर डाल रही हैं।
यह है सराफा बाजार की स्थिति
पुरानी सराफा की बड़ी दुकानें 150
सराफा की मध्यम दुकानें 100
नए शहर के अन्य प्रतिष्ठान 70
कारीगरों की संख्या 2500
हर महीने कारोबार 10 से 12 करोड़
शादियों, त्योहारों के समय 12 करोड़ से भी अधिक
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