सहारनपुर में शब्बीरपुर के बाद सहारनपुर में हुए बवाल के आरोप में भीम आर्मी पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध करते हुए तीन गांवों के दलित समाज के कुछ परिवारों ने बृहस्पतिवार को बौद्ध धर्म अपनाया है।
मानकमऊ स्थित बड़ी नहर पर ग्राम रूपड़ी, कपूरपुर और ईघरी के दलित समाज के लोगों ने देवी-देवताओं की मूर्तियों एवं कलेंडर का विसर्जन किया। इस दौरान 180 परिवारों के बौद्ध धर्म अपनाने का दावा किया गया है। दलितों की इस कार्रवाई से पुलिस एवं प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
भीम आर्मी का समर्थन करते हुए दलित समाज के कुछ लोगों ने प्रशासन को बौद्ध अपनाने की चेतावनी बृहस्पतिवार सुबह ही दे दी थी। जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
प्रशासनिक अधिकारी उच्चाधिकारियों से संपर्क कर मामले की जानकारी देते रहे। पूर्व निर्धारित घोषणा के अनुसार दोपहर करीब ढाई बजे ग्राम रूपड़ी, कपूरपुर और ईघरी के लोग मानकमऊ स्थित बड़ी नहर पर पहुंचे और नहर में उन्होंने देवी-देवताओं की मूर्तियों एवं कलेंडरों का विसर्जन किया।
इसके बाद दलितों ने मूर्ति पूजा त्यागने का एलान कर दिया। इस दौरान मुख्य रूप से नरेंद्र गौतम, रोहित गौतम, दीपक कुमार, पंकित गौतम, अश्वनी गौतम, कुलदीप गौतम, सोनी गौतम, कल्पना गौतम, रचना गौतम, आरती गौतम, अनारकली, मनोज, लोकेश, डा. बलराम, नरेंद्र, सुदेश, मैना, रीना, सावित्री, शुभम समेत अनेक लोग शामिल रहे।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि दलित समाज द्वारा बौद्ध धर्म अपनाए जाने के बारे में पुलिस को कोई सूचना नहीं है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा। सिर्फ दोषी पर कार्रवाई हो रही है।