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गंगोह में छत पर खेल रहेे बच्चों पर टूटा आंधी का कहर

Mon, 22 May 2017 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोह
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हादसे के बाद गमजदा परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में रविवार देर शाम अचानक आई आंधी के दौरान गंगोह के मुहल्ला गुलाम औलिया में दीवार गिरने से दो बच्चियों की मौत हो गई। हादसे के समय बच्ची बदले हुए मौसम में छत पर खेल रही थी। बच्चियों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उधर, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर पेड़ गिरने और फसलों को नुकसान पहुंचने की भी सूचनाएं हैं। 
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नगर के  मोहल्ला गुलाम औलिया में कबाडी का काम करने वाले इसरार और उसके छोटे भाई तसलीम के बच्चे मकान की ऊपरी मंजिल पर खेल रहे थे। रविवार की शाम अचानक आई आंधी से पड़ोसी गयूर की छत पर बनी चारदीवारी भरभराकर इसरार के मकान में गिर पड़ी।

इससे वहां खेल रही इसरार की तीन वर्षीय पुत्री जिकरा, आठ वर्षीय पुत्र अनस, तसलीम का पांच वर्षीय पुत्र आयान और उनकी तलाकशुदा बहन शबनम की पांच वर्षीय पुत्री मुस्कान दीवार के मलबे के नीचे दब गए जबकि इसरार की चार वर्षीय पुत्री जोया बाल-बाल बच गई। 
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मलबे की आवाज और बच्चों की चीख पुकार सुनकर परिजन छत पर पहुंचे और आनन-फानन में बच्चों को मलबे से बाहर निकाला। वहां मोहल्लेवासियों की भीड़ इकटठा हो गई। घायल बच्चों का अस्पताल में ले जाया गया जहां से गंभीर हालत के चलते जिकरा और मुस्कान को सहारनपुर रेफर कर दिया गया। 

रास्ते में ही दोनो बच्चियों की मौत हो गई। बच्चियों की मौत परिजनों में कोहराम मच गया। जबकि बाकी दोनों बच्चों को सहारनपुर अस्पताल भरती कराया गया। उनकी हालत में सुधार है।

खेल-खेल में चली गई जिंदगी
गंगोह। मोहल्ला गुलाम आैलिया में रविवार की शाम हंसते खेलते बच्चों पर अचानक से मौत ने झपट्टा मारा और दो मासूम जिंदगियां अकाल मौत के मुंह में समां गई। जबकि बाकि के दो बच्चों की हालत भी खराब है। वे जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। इसरार के परिजन शाम के वक्त खाना बनाने की तैयारी में जुटे थे जबकि बच्चें खेल रहे थे।

किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि अंधड के रुप में आई मौत अचानक झपट्टा मारेगी और दो मासूम बच्चियां मौत का शिकार बन जाएंगे। बच्चियों की मौत के बाद पूरे मुहल्ले में मातम पसरा है। शायद ही कोई घर ऐसा होगा जहां खाना बना हो। जिसने भी हादसे के बारे में सुना वह इसरार के घर की तरफ दौड़ा चला गया। परिजन और मुहल्लेवासी बाकि के दो गंभीर घायल बच्चों की सलामती के लिए दुआं कर रहे थे। 
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