सहारनपुर के घंटाघर से लेकर देहरादून रोड तक उड़ती धूंल में जाते वाहन
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। सर्दी के साथ ही हवा में घुला प्रदूषण का जहर सांस के रोगियों की दिक्कत बढ़ा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। शहर का एक्यूआई 210 से 240 के बीच चल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी के मौसम में सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
सर्दियों में हवा में नमी होने के कारण हवा भारी हो जाती है, जो ऊपर उठने के बजाय जमीन के आसपास बनी रहती है। ऐसे में हवा में धूल और धुएं के कण हवा में रहते हुए सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सांस रोगियों की परेशानी बढ़ाते हैं। इन दिनों शहर का एक्यूआई 210 के पार चल रहा है। इसकी वजह से भी सांस रोगियों की समस्या बढ़ी है। एसबीडी जिला अस्पताल में फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा ने बताया कि उनकी ओपीडी प्रतिदिन 200 के पार रहती है। इसमें सांस रोगियों की संख्या भी काफी रहती है। सांस के रोगियों को सर्दी में बेहद एहतियात बरतने की आवश्यकता है।
वायु प्रदूषण से बीमारियां
- जुकाम होना और सांस लेने में दिक्कत
- आंखों में जलन, खांसी होना और गले में इंफेक्शन
- अस्थमा, फेफड़ों से संबंधित बीमारियां
ऐसे करें बचाव
घर से बाहर निकलते समय हमेशा मुंह पर मास्क का उपयोग करें। आंखों पर चश्मा लगाएं।
मास्क का बार-बार प्रयोग न करें। इससे वायरस और कई तरह के इंफेक्शन फैलने वाले बैक्टीरिया की चपेट में आ सकते हैं।
सहारनपुर के घंटाघर से लेकर देहरादून रोड तक उड़ती धूंल में जाते वाहन घरो को मिटटी से बचाने के लिये ?- फोटो : SAHARANPUR