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कठोर तप से ही होती है ब्रहम ज्ञान की उत्पत्ति-स्वामी कालेंद्रानंद

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गंगोह में श्रीमद खाटू श्याम कथा वाचन करते कथा व्यास स्वामी कालेन्द्रानंद महाराज - फोटो : SAHARANPUR
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गंगोह (सहारनपुर)। नगर में चल रही श्री मद् खाटू श्याम जी की कथा में सोमवार को कथा व्यास स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने कहा कि तप ही जीवन मंथन का मूल आधार है। कठोर तप से ही ब्रह्म ज्ञान की उत्पत्ति होती है जो जीव का कल्याण कर उसे प्रभु से मिलाती है।
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मोहल्ला मखदूमजहां स्थित श्री रामलीला भवन में श्री बांके बिहारी युवा समिति के तत्वावधान में चल रही श्री मद् खाटू श्याम जी की कथा में बाबा श्याम का पूजन एवं शृंगार त्रिभुवन शर्मा एवं जितेंद्र सैनी ने सपरिवार किया। इसके उपरांत कथा वाचन करते हुए कथा व्यास स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि बर्बरीक को श्रीकृष्ण ने अपना शिष्य बनाया और महिसंगम सागर में अखंड तप कराया। वहां शिव शक्ति ने प्रकट होकर उन्हें तीन बाण के रूप में सत्त, रज, तम की संपूर्ण शक्ति का आशीर्वाद प्रदान किया। तभी से बाबा श्याम तीन बाण धारी कहलाए। कहा कि जीव के जीवन का मूल उद्देश्य श्री हरि की प्राप्ति ही है। हरि की भक्ति ही जीव को भव बंधन से मुक्त कर हरि का प्रिय बनाती है। बताया कि श्याम बाबा की कथा जीवन में धर्म पक्ष को जाग्रत करने का एक महान आधार रूपी सरल पथ है। सुभाष सैनी, विक्रम सैनी, डॉ. जयसिंह, अमित सैनी, संजीव शर्मा, राजू शर्मा, कमल सैनी, विक्रम कश्यप, सोनू तोमर, मोनू सैनी, जोनी सैनी, देवीलाल सैनी, राजेंद्र कश्यप, अंकित सैनी, विपुल सैनी, दीपक सैनी, अंकुर प्रजापति आदि रहे।

गंगोह में श्री खाटू श्याम कथा सुनती महिलाएं- फोटो : SAHARANPUR

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