पूर्व विधायक की कार से तीन दिन पहले हुई टक्कर में एक और मौत के बाद सीड़की के लोगों ने कार्रवाई और मुआवजे की मांग करते हुए शनिवार को मतदान का बहिष्कार कर दिया। देर रात तक चली पंचायत के बाद सुबह से गांव में बनाए गए दो मतदान बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा।
प्रशासन को इसकी खबर मिलने के बाद अधिकारी गांव में पहुंचे और मिन्नतें करते रहे। अपराह्न करीब चार बजे डीएम के निर्देश पर सीडीओ की चेतावनी पर करीब 11 फीसदी मतदान हुआ। 80 फीसदी ग्रामीणों का बहिष्कार जारी ही रहा।
दरअसल, बुधवार को पूर्व विधायक शशीबाला पुंडीर की गाड़ी से दुर्घटना में दो बाइकों पर सवार छह लोग घायल हो गए थे। बृहस्पतिवार की रात गागलहेड़ी निवासी मुमताज और शुक्रवार को सीड़की निवासी इंतजार पुत्र अख्तर की मौत हो गई। शुक्रवार की रात शव पहुंचने पर ग्रामीणों ने कार्रवाई और मुआवजा नहीं मिलने तक मतदान के बहिष्कार का ऐलान कर दिया।
सुबह सीडीओ मोनिका रानी गांव में पहुंची और उन्होंने ग्रामीणों को समझाना शुरू किया। करीब 11 बजे जिलाधिकारी पवन कुमार ने गांव में पहुंचकर मतदान शुरू कराना चाहा तो ग्रामीण भड़क गए। हालांकि इसके बाद डीएम और सीडीओ बैरंग लौट गए। तहसीलदार और एसडीएम ने कई बार अलग-अलग ग्रामीणों से बात कर मतदान के लिए मनाना चाहा, मगर बिना मुआवजा गांव के लोग राजी नहीं हुए।
अपराह्न करीब चार बजे सीडीओ दोबारा गांव में पहुंची और मतदान नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद करीब सीड़की के 1410 मतदाताओं में करीब 159 ने मतदान किया। मगर, ज्यादातर ग्रामीणों का बहिष्कार जारी रहा।
उधर, प्रशासन ने ग्रामीणों को भड़काने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में ले लिया, मगर बाद में उन्हें पूछताछ कर छोड़ दिया गया। जिलाधिकारी पवन कुमार का कहना है कि ग्रामीणों को गुमराह कर बहिष्कार कराया गया था। मगर, बाद में गांव के लोगों ने मतदान किया है।