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लाडलों की लाश देख बैठ गया कलेजा

Tue, 17 May 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नानौता
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नानौता में नहर में डूबे किशोरों के शव मिलने के बाद विलाप करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पूर्वी यमुना नहर में नहाते समय डूबे दोनों किशोरों के शवों को पुलिस ने नहर का पानी बंद कराकर गोताखोरों की मदद से करीब 20 घंटे बाद निकलवा लिया। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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किशोरों के डूबने की सूचना के बाद से वाल्मीकि बस्ती में मातम पसर गया। बस्ती में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। परिजन बिना कानूनी कार्रवाई के शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। 

मोहल्ला अफगानान स्थित वाल्मीकि बस्ती निवासी वंश (17) पुत्र सुरेश व सौरभ (15) पुत्र नेत्रपाल रविवार की सुबह करीब दस बजे क्षेत्र की पूर्वी यमुना नहर में पटों वाले पुल के पास नहाते समय डूब गए।
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डूबे किशोरों के शवों के लिए रात भर पुलिस, नगरवासी व गोताखोर नहर में तलाश करते रहे। सुबह करीब छह बजे दोनों किशोरों के शव को पुल से कुछ दूरी से बरामद किया गया। जैसे ही दोनों के शव मिलने की खबर उनके परिजनों को मिली घर में कोहराम मच गया। दोनों के शव जब बस्ती में पहुंचे तो हाहाकार मच गया। हर घर से रोने की आवाज आ रही थी। 

मृतक दोनों किशोरों के घर पर नगरवासियों का तांता लगना शुरू हो गया। मौके पर मृतकों के परिजन बिना पुलिस कार्रवाई (पोस्टमार्टम) के शव को अपने घर ले जाने की जिद्द करने लगे। परिजनों का कहना था इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। थानाध्यक्ष अवनीश कुमार यादव ने बताया कि परिजन बिना पुलिस कार्रवाई के ही शवों को ले गए।

मौत खींच कर ले गई दोनों को वहां
नानौता। बताया जाता है कि रविवार की सुबह दोनों मृतक किशोर अपने अन्य बस्ती के बच्चों के साथ हिमामपुर नहर पुल पर नहाने गए थे, लेकिन ये दोनों दूसरे पुल पर नहाने की बात कहते हुए वहां से चले गए। वहां दोनों की डूब कर मौत हो गई।

सुबह से गए दोनों बच्चे जब शाम तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने तलाश की। इस दौरान जो बच्चे उनके साथ नहाने गए उन्होंने बताया कि वे दोनों तो पटो वाले पुल पर नहाने गए थे। इस पर परिजनों ने वहा जाकर देखा तो वहा पटरी पर सौरभ के कपडे़ व चप्पल पड़ी थी। इसके बाद तलाश शुरू हुई थी।

एक को बचाने के चक्कर में दूसरा डूबा
नानौता। सुबह जब दोनों के शवों को पानी से निकाला गया तो वंश के पांव में उसके सैंडिल मिले। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सौरभ नहाते समय जब डूबने लगा होगा तो उसे बचाने के चक्कर में वंश नहर में कूद गया। जिससे उसकी भी डूबकर मौत हो गई।
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