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कालेधन को सफेद करने के लिए मजदूरों का सहारा

Tue, 15 Nov 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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black money
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सहारनपुर में पीएम मोदी के 500 और 1000 के नोट बंद करने के बाद जिले में काले धन को जमा करने के लिए नए नए फंडे अपनाए जा रहे हैं। बैंकों में लाइनों में लगने के लिए मजदूरों को पांच सौ रुपये तक दिए जा रहे हैं।
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बड़े लोग 50 और 100 की तादाद में हर दिन ऐसा कर रहे हैं। हर दिन यह संख्या बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि काला धन वह है जिस पर आय कर कानूनों के तहत टैक्स देय था लेकिन टैक्स नहीं दिया गया। अब इस धनराशि को बैंक में जमा करवाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।

साथ ही आय कर कानून के तहत कार्रवाई भी होगी। 500 और 1000 का नोट बंद होने के बाद ऐसे में बड़े कारोबारियों और नेताओं आदि की टेंशन बढ़ गई है।

जुर्माने और कार्रवाई के भय से ऐसे लोगों ने अपने मोटे धन को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। वे ब्लैक मनी को जमा कराने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं। 
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जानकारों की मानें तो इसके लिए सबसे ज्यादा सहारा मजदूरों का लिया जा रहा है। मजदूरों को ढूंढने और उन्हें मैनेज करने के लिए दलाल सक्रिय हो गए हैं। 500 रुपये देकर 4000 रुपये बदलवाए जा रहे हैं।

इसमें मजदूरों को 300 रुपये की दिहाड़ी देने के साथ 100 रुपये का भोजन कराया जा रहा है। बाकी 100 रुपये एजेंट को दिए जा रहे हैं। यह खेल हर दिन हो रहा है।

सूत्रों की मानें तो ऐसे मजदूरों का सबसे ज्यादा सहारा नेता और कारोबारी ले रहे हैं। सूत्रों की माने तो ऐसे अब तक करोड़ों रुपये ठिकाने लगा दिए गए हैं। शहर से लेकर देहात तक सैकड़ों ऐसे मजदूर हैं, जिन्होंने अपनी निर्धारित मजदूरी को छोड़कर यह काम पकड़ लिया है।

इसमें मेहनत लगती नहीं है, बस लाइन में खड़े रहो और नंबर आने पर रुपये बदलकर मालिक को दे दो, इसमें समय की भी कोई बंदिश नहीं है। यहीं कारण है कि ज्यादातर मजदूर कमीशन के लालच में काले धन को सफेद करने के लिए बैंकों की लाइनों में लग रहते हैं।  
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