जिला पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा में घमासान मच गया है। पार्टी के कुछ जिम्मेदार नेता प्रत्याशियों के चयन को लेकर परस्पर विरोधी दावे कर रहे हैं।
कुछ नेताओं ने पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्त्ताओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रचार नहीं करने की भी चेतावनी दी है। चुनाव से ऐन पहले सतह पर आई गुटबाजी से भाजपा को नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
जिला पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को लेकर भाजपा में विरोध होने लगा है। वार्ड-31 को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष मानवीर पुंडीर और जिला पंचायत एवं जिला प्रभारी पंचायत चुनाव धर्मसिंह सैनी विरोधी बयान दे रहे हैं।
शनिवार को जिलाध्यक्ष ने जहां अनीता चौधरी पुत्रवधु वीरेंद्र सिंह गुर्जर को प्रत्याशी बताया था, वहीं रविवार को जिला प्रभारी ने इसका विरोध करते हुए अलका पत्नी बिजेंद्र सिंह गुर्जर को भाजपा का प्रत्याशी होने का दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय कार्यालय से क्षेत्रीय अध्यक्ष के हस्ताक्षर जो सूची जारी हुई है उसमें अलका का ही नाम है।
दूसरी ओर भाजपा के बलियाखेड़ी के गांव लालू माजरा उर्फ सहजवा में चौधरी धीर सिंह की अध्यक्षता में हुई भाजपाइयों की बैठक में वार्ड-41 और 42 घोषित प्रत्याशियों को लेकर रोष व्यक्त किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों प्रत्याशी न तो पार्टी के कार्यकर्ता हैं और न ही संगठन के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि मंडल के सभी सक्रिय कार्यकर्ता दोनों प्रत्याशियों के विरोध में जिलाध्यक्ष मानवीर पुंडीर और सांसद राघव लखनपाल से मिलकर विरोध दर्ज कराएंगे और चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।
बैठक में पूर्व मंडल अध्यक्ष बिरम सिंह और विक्रम सिंह, मंडल अध्यक्ष प्रेमचंद सैनी, पूर्व मीडिया प्रभारी शक्ति सिंह, मंडल महामंत्री ब्रह्म सिंह, सुशील रोहिला, नितिन शर्मा, जयपाल सिंह, विक्रम सिंह सैनी, अजब सिंह, अजब सिंह तोमर, कुशलपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, विनोद कोरी, रामपाल सिंह, मोहर सिंह, राजपाल आर्य आदि रहे।