सहारनपुर। बीते दो वर्ष में जारी किए गए जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। नगर आयुक्त ने मुख्य नगर लेखा परीक्षक को जांच अधिकारी बनाते हुए 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी नगर आयुक्त ने कही है।
नगर आयुक्त शिपू गिरि ने बताया कि जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में नागरिकों को बिना वजह की देरी व परेशानी न हो। इसके लिए संबंधित को निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र अनुभाग में महापौर द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान जो भी घटा। उसकी जांच के लिए अपर नगर आयुक्त प्रथम की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई थी। समिति में अपर नगर आयुक्त के अलावा लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी और कर अधीक्षक सुरेंद्र सिंह शामिल थे, लेकिन इसमें संशोधन करते हुए मुख्य नगर लेखा परीक्षक को अलग किया गया है।
उन्हें पिछले दो वर्षों में जारी किए गए समस्त जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्रों, आवेदन संबंधी पत्रावलियों और उनकी जांच प्रक्रिया, पंजीकरण रजिस्टर आदि अनुभाग से संबंधित समस्त अभिलेखों की जांच की जिम्मेदारी दी है। जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों को लेकर जांच बिठाए जाने से गड़बड़ी करने वालों में खलबली है, क्योंकि नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि यदि गलत तरीके से गलत लोगों के प्रमाणपत्र बने हैं तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।