सहारनपुर। जिले की ग्राम पंचायतों में कोविड और सफाई किट खरीदने के मामले में भाजपा नेता ने धांधली का आरोप लगाया है। इससे अफसरों में खलबली मची है। क्योंकि शासन से भी कोविड किट की खरीद में पूर्ण पारदर्शिता बरतने को लेकर सख्त हिदायत है। डीएम और सीडीओ ने डीपीआरओ से जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। शिकायत के बाद शुरूआती जांच में पता चला है कि बिल तो पास हो गए हैं, लेकिन कुछ जगहों पर किट नहीं पहुंची। मामले में पड़ताल चल रही है।
दरअसल, कोरोना काल में ग्राम पंचायतों में कोविड किट और सफाई किट की खरीद की गई। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक रामपाल सिंह पुंडीर ने किट खरीद में घपले की आशंका जताते हुए मुख्यमंत्री को शिकायतीपत्र भेजा। पता चला कि डिजिटल इंडिया कांट्रैक्टर एंड सप्लायर्स ने देवबंद विकासखंड क्षेत्र में करीब 20 ग्राम पंचायतों में सफाई किट की सप्लाई की थी, उसका बिल भी पास हो गया है। देवबंद क्षेत्र के ही गांव साधारणपुर के प्रधान प्रमोद त्यागी का कहना है कि 5200 रुपये भुगतान भी कर दिया गया है, लेकिन किट नहीं मिली। इसी प्रकार कोविड किट खरीद में भी धांधली का आरोप है। मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर की गई जांच में पता चला कि ग्राम पंचायत स्तर पर कोविड किट और सफाई किट खरीदी गई, लेकिन कई ग्राम पंचायतों में किट नहीं पहुंची, जबकि बिल पास हो गए हैं।
ये है मामला
भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक रामपाल सिंह पुंडीर ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायतीपत्र में आरोप लगाया कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने सफाई किट 5200 रुपये में खरीदवाकर ग्राम पंचायतों से भुगतान कराया है। बिल डिजिटल इंडिया कांट्रेक्टर एंड सप्लायर्स के नाम से दिया गया है, जिसके कार्यालय का पता नानौता किसान इंटर कॉलेज के पास दिखाया गया है, लेकिन वहां कोई कार्यालय नहीं है। इसी तरह कोविड किट, जिसमें इंफ्राइड थर्मामीटर, जिसकी कीमत बिल में 2270 रुपये दिखाई गई है और पल्स ऑक्सीमीटर, जिसकी कीमत 1920 रुपये और पीपीई किट बताई गई है। यह बिल जनवाणी भवन अपोजिट न्यूज जगदंबा ट्रांसपोर्ट के नाम से जारी किया गया। इसमें किसी स्थान का नाम नहीं दिखाया गया है। प्रत्येक कोविड किट की कीमत 4190 रुपये दिखाई गई। इसका भुगतान शिवालिक मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड शाखा हकीकतनगर के खाता संख्या 100312250053 आईएफसी कोड एसएमसीबी 0001003 में कराया गया है, जबकि शासन का स्पष्ट आदेश है कि कोविड किट 2800 रुपये से अधिक में न क्रय की जाए।
बृहस्पतिवार को ही लगा दफ्तर पर बोर्ड
सहारनपुर। इस मामले में बड़े स्तर पर गड़बड़झाला होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि, शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि सफाई किट जिस कंपनी से खरीदी गई, उसका दफ्तर नानौता में नहीं है। डीपीआरओ मौके पर गए तो दफ्तर का नया बोर्ड लगा मिला। सूत्र बताते हैं कि बुधवार को वहां कोई बोर्ड नहीं लगा था। बृहस्पतिवार को बोर्ड लगाया गया है। साफ है कि डीपीआरओ के आने की जानकारी संबंधित कंपनी के कर्मचारियों को पहले से पहुंच गई। इसमें मिलीभगत होने की बात सामने आ रही है।
- सफाई किट में यह सामान होने का दावा
सहारनपुर। ग्राम पंचायतों में खरीदी गई सफाई किट में फावड़ा, तसला, खुरपा, पंजी, हैंडवॉश, सैनिटाइजर, हेलमेट, जैकेट, चश्मा, ग्लब्ज, जूते, फेश शील्ड, दो तरह के मास्क। डिजिटल इंडिया कांट्रेक्टर एंड सप्लायर्स के संचालक रजत कुमार ने भी माना है कि सफाई किट 5200 रुपये बेची है और जिन 20 ग्राम पंचायतों में यह किट दी गई, उनसे भुगतान हो गया है।
- कोविड किट खरीद पर सीएम गंभीर
सहारनपुर। प्रदेश में कोरोना काल के दौरान कोविड किट खरीद को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ भी गंभीर हैं। पता चला है कि जनपद गाजीपुर और एक अन्य जनपद में कोविड किट खरीद को लेकर उन्होंने जांच भी बैठा दी है।