सहारनपुर के अंबेहटा में स्कूली वैन की टक्कर लगने से बेटी के लिए लड़का देखने जा रहे बाइक सवार ग्रामीण की मौत हो गई। मुआवजा व आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने स्कूल के बाहर जाम लगा दिया।
बाद में पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत किया तथा शव को पीएम के लिए भिजवाया। अंबेहटा पुलिस चौकी के गांव शीतलपुर निवासी 46 वर्षीय वेदपाल पुत्र तुलसी सोमवार की सुबह बाइक द्वारा अपनी बेटी के लिए लड़का देखने घर से निकला था।
वेदपाल को रामपुर मनिहारान के किसी गांव में जाना था। सुबह करीब आठ बजे जैसे ही वेदपाल गांव दैदपुरा पहुंचा तो सामने से आ रही एक स्कूल की वैन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वेदपाल बाइक से गिरा।
घटना के बाद वैन चालक मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने घायल वेदपाल को एंबुलेंस से नकुड़ सीएचसी में पहुंचाया। जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद वहां से वेदपाल को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने बताया कि वेदपाल ने अंबाला के पास दम तोड़ दिया। परिजन वेदपाल के शव को लेकर स्कूल पर आ गए तथा आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई व मुआवजे की मांग को लेकर गंगोह-सहारनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई।
जाम की सूचना पर कोतवाल दीपक चतुर्वेदी, एसएसआई संजय सिंह, चौकी प्रभारी नरेंद्र यादव मय फोर्स मौके पर पहुंचें । मृतक के परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया तथा तहरीर लेने से भी इंकार कर दिया।
कोतवाल दीपक चतुर्वेदी ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हो गए तथा जाम खोल दिया। जाम लगाने वालों में महीपाल सिंह, प्रदीप, इसम सिंह, राकेश, समय सिंह, विपिन, लोकेंद्र, सचिन, सुशील, रविंद्र, छोटा, योगेश, मिंटू, राकेश, कामनी, मितलेश, बबली आदि रहे।
कोतवाल दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार बाइक चालक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था।