सहारनपुर। पांच साल पहले हुए चुनाव में जल निकासी की समस्या को लेकर जो बड़े-वड़े वादे किए थे, वह पूरे नहीं हुए। जनप्रतिनिधियों ने उन्हें पूरा करना इरादा भी नहीं दिखाया। आज भी कई मोहल्लों में जल निकासी एक बड़ी समस्या है।
नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों से अधिक बुरा हाल तो नगर निगम क्षेत्र में है। कई मोहल्लों में परिवारों को पलायन तक करना पड़ा है। यह स्थिति तो तब है, जब आठ करोड़ रुपये पिछले पांच साल जल निकासी पर खर्च किए गए।
नगर निगम ने बीते पांच साल में 150 से अधिक नाले और नालियां बनवाए हैं। इसके बावजूद कई कॉलोनियों में जलभराव की समस्या दूर नहीं हुई है। प्रकाशलोक, रामविहार और नंदपुरी ऐसी कॉलोनियां हैं, जहां से पानी की निकासी के लिए दस साल से अधिक समय से मड पंप लगाए गए हैं। इसके बावजूद यहां समस्या कम नहीं हुई है। हाल ही में नाले बनाए गए हैं, लेकिन वे मकानों और सड़क से ऊंचे हैं।
मानकमऊ के विल्सन का बाग कॉलोनी में नाले का स्तर सड़क से एक फीट ऊंचा है। घरों से निकलने वाला पानी नाले में जाने के बजाय सड़क और गलियों में रहता है। बिन बारिश यहां जलभराव बना हुआ है। इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में जलभराव बड़ी समस्या है। दिल्ली रोड स्थित हसनपुर का आईटीसी रोड क्षेत्र नीचा होने के कारण बरसात के दिनों में घरों में जलभराव होता है। पुराना कलसिया मार्ग स्थित वार्ड 36 की कॉलोनियों में नाला और नालियां नहीं हैं। कच्चे नालों में जलभराव रहने के कारण सड़न रहती है। दिल्ली रोड स्थित कांशीराम कालोनी क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है।
खाली पड़े सरकारी भूखंड पर भारी जलभराव है और वह विशाल तालाब का रूप ले चुका है। नवादा रोड पर आधा अधूरा नाला बनाकर छोड़ा गया है। आगे कॉलोनियों का पानी प्लॉटों में छोड़ दिया है। चकदेवली में नाला ऊंचा बना दिए जाने के कारण जलभराव की समस्या बरकरार है।
नगर पालिका और पंचायतों में जलभराव से जूझते कई मोहल्ले
देवबंद। बारिश के दिनों में मोहल्ला बड़जिया उल हक, दारुल उलूम, रविदास मार्ग, एमबीडी चौक, भायला रोड पर जलभराव होता है। प्रतिष्ठानों और घरों तक में पानी भर जाता है। मोहम्मद जकी, वजाहत शाह, नसीम अंसारी का आरोप है कि समस्या को दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। संवाद
नकुड़। अस्पताल मार्ग, जुड्डी रोड, जाहरवीर कॉलोनी में जलभराव बड़ी समस्या है। जल निकासी के लिए मड पंप लगाया गया है। मोहल्ला बंजारान में बरसात के दिनों में परेशानी रहती है।
अंबेहटा निवासी चौधरी ओमकार सिंह का आरोप है कि नगर पंचायत से शिकायत करने के बावजूद परिणाम शून्य है। चिलकाना में बस स्टैंड के पास जलभराव है। बरसात के दिनों में दुकानदार कलीराम ने बताया कि नालों की सफाई नहीं होने के कारण जलभराव रहता है। नानौता के मुख्य बाजार में बरसात के दिनों में जलभराव रहता है। व्यापारी विजेंद्र पुंडीर का आरोप है कि नाले की ऊंचाई सड़क से अधिक है। ऐसे में जलभराव रहता है।
मड पंप पर लाखों खर्च
महानगर में नगर निगम जहां पानी की निकासी की व्यवस्था करने में नाकाम है। वहां मड पंप लगाए गए हैं। वर्तमान में भी महानगर में करीब छह जगहों पर मड पंप लगे हैं। एक मड पंप को चलाने के लिए प्रत्येक दिन 20 लीटर डीजल दिया जाता है। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां आठ से दस साल से मड पंप चल रहे हैं। यानी लाखों रुपया तेल और उसको चलाने के लिए लगे मजदूरों पर खर्च किया गया है, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई है।
स्मार्ट सिटी योजना भी नहीं कर पाई विकास
सहारनपुर। महानगर के कई वार्ड विकास से अछूते हैं। इनमें उन वार्डों की हालत अधिक खराब है, जो स्मार्ट सिटी योजना के तहत चिह्नित किए गए एबीडी (एरिया बेस्ड डवलपमेंट) क्षेत्र में शामिल हैं। एबीडी में शामिल होने के कारण वार्ड 58, वार्ड 35, वार्ड 30, वार्ड 22 और वार्ड 60 में निगम ने ध्यान नहीं दिया।
इन वार्डों का विकास नगर निगम और स्मार्ट सिटी के बीच फंसकर रह गया है। वार्ड 56 में कटहेरा चौकी के सामने नाला और उसके ढक्कन वर्षों से टूटे हैं। मुख्य मार्ग से लगा होने के बावजूद इस नाले को ठीक नहीं किया गया है। चिलकाना की ओर से आने वाला मार्ग अमन पैलेस से पुल खुमरान तक जगह-जगह से टूटा है, इसी मार्ग पर अरबी मदरसा है, जहां विदेशी छात्र भी पढ़ने आते हैं। झोटे वाला मोहल्ला झोटेवाला मोहल्ला निवासी शमशाद ने बताया कि नालियां टूटी हैं। मस्जिद के सामने बिन बारिश जलभराव है। इन वार्डों में सफाई व्यवस्था भी चौपट है। चिलकाना मार्ग से सटी कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगे हैं।
पार्षद प्रतिनिधि सईद सिद्दीकी ने बताया कि उनका वार्ड एबीडी क्षेत्र में है। तीन साल तक बोर्ड से कार्य कराने के लिए लड़ते रहे। नगर निगम ने तो कोई कार्य कराया नहीं। स्मार्ट सिटी योजना से भी कोई कार्य अभी तक नहीं हुआ है।जमीर अहमद ने बताया कि उनके मोहल्ले में प्राचीन मस्जिद है, जिसके सामने से बह रही नाली टूट चुकी है। सड़क पर बना नाला ऊंचा है। इसकी जगह से नाली का पानी उसमें नहीं जा पाता है। मस्जिद के सामने जलभराव रहता है।
-स्मार्ट सिटी योजना के तहत चिह्नित किए गए एबीडी क्षेत्र के वार्डों में कार्य चल रहे हैं। पहले सीवर लाइनें डाली जा रही हैं। सीवर डालने का कार्य एक सिरे से चल रहा है, जो सभी वार्डों से होकर गुजरेगा। अन्य कार्य जल्द शुरू होने वाले हैं।
- अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर