सहारनपुर। जिला अस्पताल में फर्जी मेडिकल बनाए जाने का बड़ा खेल चल रहा है। इसको लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई न होने की वजह इस रैकेट में शामिल लोगों के हौसले बुलंद हैं।
इस बार पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा है, जबकि चिकित्सक, अधिवक्ता और उसके मुंशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। दरअसल, झूठे मामले दर्ज कराने या फिर आपराधिक वारदात में मामूली चोट को गंभीर दिखाने के लिए फर्जी मेडिकल बनाए जाने के मामले पहले भी सामने आए हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए पूरा रैकेट काम कर रहा है, जिसमें अस्पताल के कर्मचारी, डॉक्टर और अधिवक्ताओं एवं पुलिस की भी मिलीभगत होती है। हर धारा के हिसाब से फर्जी मेडिकल बनाए जाने को रुपये निर्धारित किए हुए हैं। फर्जी मेडिकल बनाने की एवज में मोटी रकम वसूली जाती है। धाराएं बढ़ाने पर छोटे से झगड़े में आरोपी पक्ष गंभीर मामले फंसा दिया जाता है, जिसकी वजह से उनको जमानत तक नहीं मिल पाती है। सूत्र बताते हैं एक्सरे में हड्डी टूटी दिखाने, जानलेवा हमला करना या फिर गोलियों के छर्रे लगने तक मेडिकल बना दिया जाता है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत होती है।
फर्जी मेडिकल बनवाने वाले रैकेट को पुलिस पूरी तरह पर्दाफाश करेगी। इसके लिए टीमों को लगा दिया गया है। एक आरोपी शनिवार को पकड़ा है, जबकि चिकित्सक, अधिवक्ता और उसके मुंशी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी सिटी