सहारनपुर में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए ऑडियो वायरल किए जाने पर चंद्रशेखर आजाद रावण पर तथा सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में विकास मेश्राम पर सदर कोतवाली पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
सदर कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित ने आरोप लगाया है कि उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप पर एक स्क्रीन शॉट पहुंचा, जो फेसबुक अकाउंट विकास मेश्राम के नाम से है।
इस स्क्रीन शॉट में फेसबुक पर 17 मई को रात लगभग 9.55 बजे का समय दर्ज है। जिसमें लिखी गई आपत्तिजनक पोस्ट के स्क्रीन शॉट में मुख्यमंत्री को अशोभनीय एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग कर संबोधित किया गया है।
बताया गया कि इससे सहारनपुर एवं आसपास के जिले समेत अन्य प्रदेशों में आपसी सौहार्द खराब होने का खतरा है। उन्होंने विकास मेश्राम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
इसके अलावा एसएसआई मनीष बिष्ट ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद रावण के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें आरोप लगाया है कि दोपहर 12.10 बजे उसके मोबाइल पर एक ऑडियो वायरल हुआ है।
जिसमें चंद्रशेखर आजाद रावण नाम के व्यक्ति द्वारा आपत्तिजनक ऑडियो डाला गया है। चंद्रशेखर ने ऑडियो में कहा है कि वह भीम आर्मी से है तथा दलित है।
ऑडियो मेें 5 मई और 9 मई को सहारनपुर में हुए बवाल, इसी संबंध में दलित समाज के लोगों को 21 मई को जंतर-मंतर दिल्ली में भारी संख्या में एकत्र होकर सरकार और प्रशासन के विरुद्ध धरना देने का जिक्र है।
सोशल साइट का इस्तेमाल कर दोनों समुदायों के बीच बवाल कराना चाहता है, दोनों समाज को भड़काने एवं उकसाने का काम कर रहा है। जिस कारण दोनों पक्षों में आक्रोश पैदा होने की आशंका है और दूसरे जनपदों एवं प्रदेशों में भी आपसी सौहार्द खराब होने की आशंका है। जिससे राष्ट्र की एकता और अखंडता को खतरा है।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिये आपत्तिजनक एवं सद्भाव बिगाड़ने की पोस्ट करने वाले लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। लगातार लोगों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं। सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।