सहारनपुर। तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के छह माह पूरे होने पर भाकियू कार्यकर्ता 26 मई को काला दिवस मनाएंगे। इसके तहत कार्यकर्ता अपने घरों और वाहनों पर काला झंडा लगाएंगे।
किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने के संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से देश भर में 26 मई को काला दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है। इस बारे में भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का संदेश सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। उन्होंने भाकियू के सभी पदाधिकारियों को काला दिवस मनाने संबंधी कुछ दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का पालन करना राष्ट्रीय कार्यकारिणी से लेकर ग्राम अध्यक्ष तक के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि काला दिवस कार्यक्रम के तहत सभी किसान अपने घरों, वाहनों पर काला झंडा लगाएंगे। साथ ही अपने गांव में चौराहे पर तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग करते हुए सरकार का पुतला दहन करेंगे। इसके अलावा सभी लोग फेसबुक पर लाइव करेंगे और दो दो मिनट के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी जिलाध्यक्ष अपने जनपद के सभी गांवों में कार्यक्रम कराना सुनिश्चित करें। प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार और जिला प्रवक्ता रघुवीर सिंह ने बताया कि 26 मई को मनाए जाने वाले काला दिवस कार्यक्रम की रणनीति बनाई जा रही है।