सहारनपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में बनाया गया बास्केटबॉल कोर्ट इन दिनों कंटीले तारों से बंधक बनाया हुआ है, जिससे कोई खिलाड़ी उसका इस्तेमाल ना कर सके। इसकी वजह से बास्केटबॉल खिलाड़ियों में मायूसी के साथ ही नाराजगी भी है। कोर्ट स्मार्ट सिटी योजना के तहत 51.78 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत डॉ. आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब 20 करोड़़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं। करीब तीन माह पहले 51.78 लाख रुपये की लागत से बास्केटबॉल कोर्ट बनाया गया था, जो बनने के एक महीने बाद ही हल्की बारिश में जगह जगह से फूल कर उखड़ गया था। जिस पर स्मार्ट सिटी सहारनपुर के अधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने कोर्ट की मरम्मत कर उसे दुरुस्त कराया।
अच्छी बात यह है कि उसके बाद से कोर्ट अभी तक उखड़ा नहीं है, लेकिन कोर्ट को चारों ओर से कंटीले तारों से बांध दिया गया है, जिससे कोई खिलाड़ी अंदर प्रवेश ना कर सके। साथ ही दोनों ओर की बास्केट भी उतारी गई हैं। इसे लेकर खिलाड़ियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बास्केटबॉल के प्रशिक्षण के लिए वह कहां जाएं, क्योंकि जो पहले कोर्ट था वह खत्म किया जा चुका है।
बैडमिंटन कोर्ट का टेराफ्लैक्स फिर फूला
स्मार्ट सिटी योजना के ही तहत स्टेडियम में 72 लाख रुपये की लागत से बैडमिंटन कोर्ट तैयार किए गए हैं। कोर्ट बिछने के बाद ही उसमें जगह जगह हवा आ जाने से टेराफ्लैक्स फूल गया था। जिस पर कार्यदायी संस्था पैक्सफेड ने उसे ठीक कराया था, लेकिन इस बार कोर्ट साइड से नहीं, बल्कि बीच में से फूल गया है। अवर अभियंता वरुण का कहना है कि बेशक उन्होंने पहली बार कोर्ट बनाया है, लेकिन उसमें पूरे मानकों का पालन किया गया है। रही बात उसके फूलने की तो वह शुरू में फूलता ही है, जिसे ठीक कराया जाएगा।
बास्केटबॉल कोर्ट पर खेलने के लिए नरम तली के जूते पहने जाते हैं, लेकिन लोग रनिंग के जूते पहनकर कोर्ट पर खेल रहे थे, जिससे कोर्ट खराब हो रहा था। कोई भी व्यक्ति या खिलाड़ी अलग तरह के जूते पहनकर कोर्ट पर ना जाए। इसीलिए उसको तारबाड़ से कवर कराया गया है। जल्द ही चारों ओर से रेलिंग लगवाकर गेट लगवाया जाएगा, जिसके बाद असल खिलाड़ी ही अंदर प्रवेश कर सकेगा।
अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।