सहारनपुर। सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध रुक नहीं रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने हकीकतनगर से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालने के बाद कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। तहसीलदार को प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।
जिका संयोजक अटल बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों के सेवा काल के मध्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न केवल सेवा नियमावली के खिलाफ है, बल्कि नैसर्गिक न्याय के भी विरुद्ध है। इस अव्यवहारिक निर्णय को हराने तक संगठन संघर्ष जारी रखेगा। भले ही इसके लिए लखनऊ तक आंदोलन क्यों न करना पड़े।
जिला सह संयोजक नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि संगठन के प्रांतीय नेतृत्व द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री सहित विभिन्न संबंधित विभागीय अधिकारियों से वार्ता के साथ ही विधिक परामर्श भी प्राप्त किया जा रहा है। जहां भी शिक्षकों का उत्पीड़न होगा वहां संगठन चुप नहीं रहेगा।
शिक्षक पात्रता परीक्षा की बाध्यता के खिलाफ प्रांतीय नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार विरोध जताया जा रहा है। जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में तहसीलदार ज्ञापन लेने के लिए शिक्षकों के बीच पहुंचे। ज्ञापन देने वालों में प्रदीप शर्मा, प्रताप सिंह, संजय कुमार, मनोज सैनी, राकेश शर्मा, पदम सिंह, रविदत्त शर्मा, सचिन त्यागी, भोजपाल सिंह, सुनील रोहिला, अंकिमा जैन, मालती कमल, रितु सैनी, अंजु शर्मा, नीलम, रूपा त्यागी, रश्मि, रिचा आदि शामिल रही।