नागल। पंचकूला-देहरादून नेशनल हाईवे के लाखनौर पुल के निकट निर्माणाधीन टोल प्लाजा के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बृहस्पतिवार सुबह अंबाला की तरफ से आ रहे छह वाहन आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। टोल पर सिर्फ एक लेन चालू थी, बाकी के सामने पत्थर के अवरोधक रखे हुए थे, जिनसे वाहन टकराते गए
दरअसल, लाखनौर पुल के पास रुड़की-पंचकुला हाईवे से जुड़ रहे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर टोल प्लाजा का निर्माण कार्य चल रहा है। जहां पर अवरोधक रखे गए थे वहां ना तो कोई प्रकाश की व्यवस्था है और ना ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया। हादसे का कारण भी यही रहा। घने कोहरे में अवरोध दिखाई नहीं दिए।
सबसे पहले रोहतक के गांव पिलाना निवासी दिनेश की कार सड़क पर रखे अवरोधक से टकरा गई। दिनेश इससे पहले कुछ समझ पाता उसके पीछे आ रहे यमुनानगर के उनाडी निवासी विनोद कुमार की कार ने टक्कर मार दी। इसके तुरंत बाद एक कार और टकरा गई। यह लोग अपने वाहनों से नीचे भी नहीं उतर सके कि पीछे से चंडीगढ़ के निबुंआ निवासी शमशेर सिंह का टाटा 407 ट्रक इन वाहनों से टकरा गया। राजस्थान के जालौर के गांव खोखा निवासी सगे भाई आमिर खान एवं गुलाम खान का केमिकल से भरा टैंकर इनसे आ भिड़ा।
कुछ देर बाद जींद के ऊंचाना निवासी सुमित का दस टायर वाला ट्रक इन वाहनों से टकरा गया। हादसे में वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और चालकों भी मामूली रूप से चोटिल हो गए। वाहनों की तेज रफ्तार होती तो कई जान जा सकती थी। हादसे के बाद एआरटीओ प्रवर्तन महेंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उधर, सीओ देवबंद रविकांत पाराशर का कहना है की तहरीर नहीं आई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।