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‘मेरी मौत के जिम्मेदार बैंक प्रबंधक और दलाल’

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मृतक के दस साल के मासूम बच्चे को दुलारते एसओ अमित शर्मा - फोटो : SAHARANPUR
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‘मेरी मौत के जिम्मेदार बैंक प्रबंधक और दलाल’
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। पीएनबी के सामने आम के पेड़ पर फंदे से लटककर जान देने वाले किसान की जेब से सुसाइड नोट पुलिस को मिला है। कई कागजों के सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार शाखा प्रबंधक और बैंक में सक्रिय दलालों को बताया है।
फतेहपुर थाने के गांव अल्लीवाला निवासी वेदपाल सिंह (50) पुत्र मेहर सिंह ने शनिवार शाम सात बजे फतेहपुर भादो स्थित पीएनबी की शाखा के सामने पेड़ पर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले गए थे। वेदपाल के भाई ने यूनियन बैंक पर गंभीर आरोप लगाए थे। रविवार को थानाध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि वेदपाल की जेब से सुसाइड नोट मिला था। इसमें उसने लिखा है कि पीएनबी के शाखा प्रबंधक और बैंक में सक्रिय दलाल उसकी मौत के जिम्मेदार हैं। परिजनों ने हरिद्वार से लौटकर तहरीर देने की बात कही है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों का कहना है कि मृतक किसान वेदपाल पर बैंकों, सोसायटी और साहूकारों के करीब पांच लाख रुपये का कर्ज है। उनकी मौत के बाद पत्नी और बेटे के सामने पेट भरने का भी संकट खड़ा हो गया है। कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनका सारा कर्जा माफ किया जाए। उधर, एसडीएम बेहट देवेंद्र पांडेय ने गांव अल्लीवाला पहुंचकर मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोटे से आश्रित परिवार को सहायता दिलाने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
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किसान संगठनों में उबाल
संत नगर में डा. राजबीर कांबोज के निवास पर रविावर को बैठक हुई। इसमें भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष चौ. चरण सिंह ने आरोपी प्रबंधक और दलालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं भाकियू तोमर ने इस घटना के विरोध में 13 मार्च को पीएनबी पर धरना देने का एलान किया। मंडल प्रभारी अजय पुंडीर ने कहा कि मृतक किसान को 20 लाख रुपये मुआवजा, आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए और बैंकों का कर्ज माफ किया जाए।
उधर, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चौ. मुजफ्फर तोमर ने कहा कि सरकार की विफलता के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। वहीं, उत्तराखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण वक्फ बोर्ड निगम के पूर्व निदेशक मो. मुजतबा ने कहा कि उन्होंने किसान की आत्महत्या को लेकर उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत से फोन पर बात की है। हरीश रावत ने कहा है कि कांग्रेस इस मुद्दे को जोर शोर से उठाएगी और मृतक के परिजनों को हर संभव मदद दिलाएगी।
पीएनबी शाखा के प्रबंधक बोले, आरोप बेबुनियाद
पीएनबी के शाखा प्रबंधक राकेश चौहान का कहना है कि वेदपाल का बैंक में लोन खाता एनपीए हो गया था। लोन को बाद में वन टाइम सेटलमेंट करके खत्म कर दिया गया था। इसके बाद वेदपाल ने यूबीआई से कर्ज ले लिया था। अब वेदपाल दोबारा पीएबी से कर्ज मांग रहा था, जो कि उनके बैंक के लिए संभव नहीं था। शनिवार को किसान बैंक में स्टेटमेंट लेने आया था, जो उसने फील्ड आफिसर से ली थी। उन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। उनकी शाखा में कोई भी दलाल सक्रिय नहीं है।
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यूनियन बैंक शाखा प्रबंधक ने भी नकारे आरोप
यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक एनके कटारिया का कहना है कि उनके बैंक से एक साल पहले वेदपाल ने कर्ज लिया था। कर्ज लिए हुए ज्यादा समय नहीं बीता है, साथ ही उनका खाता भी सामान्य था। ऐसे में कर्ज वसूली का दबाव बनाने का सवाल ही नहीं है। बैंक में कोई दलाल भी सक्रिय नहीं है। सभी आरोप गलत हैं।

गांव अल्लीवाला में मृतक के परिजनों को सांत्वना देते एसडीएम बेहट देवेंद्र पांडेय- फोटो : SAHARANPUR

फतेहपुर में इसी पीएनबी के सामने पेड़ पर किसान ने लटक कर की थी आत्महत्या- फोटो : SAHARANPUR

मृतक किसान वेदपाल का फाइल फोटो- फोटो : SAHARANPUR

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