सहारनपुर। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में कुछ विभाग लीपापोती करने में लगे हैं। जानकर हैरानी होगी कहीं भवनों से निकलने वाले मलबे से गड्ढों को भरा जा रहा है तो कहीं खाली कोरसेंट और गिट्टी से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का असफल प्रयास किया जा रहा है। नतीजा, सड़कों के गड्ढे ज्यों के त्यों हैं, जिन पर से गुजरना राहगीरों के लिए मुश्किलों भरा हो रहा है।
महानगर के वार्ड आठ में विश्वास नगर से होकर गांव बिशनपुर और ज्ञानागढ़ के बीच को होकर निकलने वाली सड़क पुराना कलसिया रोड कहलाती है। इस मार्ग से सूमली, सरकड़ी, टोपरी, मुल्लापुर, खुब्बनपुर, शकलापुरी, हसनपुर, ज्ञानागढ़ और बिशनपुर आदि के लोग गुजरते हैं। सड़क में कई महीनों से गहरे गड्ढे बने हुए हैं। बरसात के दिनों में सड़क और उखड़ गई थी, लेकिन जब सरकार ने दीपावली से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए तो उम्मीद जगी कि सड़क ठीक हो जाएगी। करीब दस दिन पहले संबंधित विभाग ने सड़क को गड्ढामुक्त बनाने के लिए गड्ढों में गिट्टी और कोरसेंट भरा था, जिसके बाद गड्ढों को ऐसे ही छोड़ दिया गया। लगातार वाहन चलने से सभी गिट्टी और कोरसेंट बिखर गया है, जिसके बाद गड्ढे फिर से खुल गए हैं।
इसी प्रकार शहरी क्षेत्र में ही शकलापुरी मार्ग बीते करीब दो साल से जर्जर है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हैं। इसके बड़े गड्ढों को दो दिन से मलबे से भरा जा रहा है, जबकि छोटे गड्ढों को खुला ही छोड़ा गया है। जिसकी वजह से राहगीरों को परेशानी हो रही है। राहगीर गड्ढों के कारण गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
जनता की बात
पूर्व पार्षद अनिल कुमार का कहना है कि उनके गांव से गुजरने वाली पुराना कलसिया रोड काफी समय से टूटी है। यह पीडब्ल्यूडी ने बनवाई थी। बीते दिनों गड्ढों में खाली गिट्टी भरकर छोड़ दिया गया, जो बिखर गई हैं और गड्ढे फिर से बन गए हैं।
गांव ज्ञानागढ़ निवासी अशोक कुमार का कहना है कि शहर में होने के बावजूद उनके क्षेत्र की ज्यादातर सड़कें टूटी हैं। चक देवली मार्ग, शकलपुरी मार्ग और पुराना कलसिया रोड की हालत खराब है।
यह सड़क नगर निगम के स्वामित्व में नहीं आती है। कुछ सड़कें पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत भी आती है। यह जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। - बीके सिंह, मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम