सहारनपुर। अपने लजीज स्वाद के लिए विख्यात सहारनपुर का बासमती चावल विदेशियों को भी भा रहा है। यहां के आढ़ती निर्यातक कंपनियों के लिए बासमती धान की खरीदारी कर रहे हैं। इस बार निर्यातक कंपनियों के लिए करीब 50 हजार क्विंटल बासमती धान खरीदने की उम्मीद है। निर्यातक कंपनी खाड़ी देशों के साथ ही यूरोप एवं अमेरिका आदि में बासमती धान का निर्यात करती हैं।
वुड कार्विंग उत्पादों के अलावा जनपद के आम और बासमती चावल को दुनिया भर में खासा पसंद किया जाता है। जनपद में लगभग 58 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। इसमें से बासमती की विभिन्न प्रजातियों का रकबा करीब 48 हजार हेक्टेयर है। यहां पर बासमती की पूसा नंबर-1, पूसा- 1509, पूसा- 1121 और शरबती आदि प्रजातियों की खेती बडे़ स्तर पर होती है। सरकार सामान्य एवं ग्रेड-ए श्रेणी के धान की खरीद कराती है, जबकि बासमती धान को मंडी में आढ़तियों के माध्यम से बेचा जाता है। कई आढ़ती निर्यातक कंपनियों के लिए भी खरीदारी करते हैं। इस बार भी निर्यातक कंपनियों के लिए करीब 50 हजार क्विंटल बासमती धान के खरीदने की उम्मीद है। कंपनी के कर्मचारी बासमती धान की गुणवत्ता को परखते हैं। इस बाद ही उसकी खरीद होती है। निर्यातक कंपनियां इस बासमती के चावल का सउदी अरब, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, के अलावा अमेरिका और यूरोपीय देशों में निर्यात करती हैं।
आढ़ती निर्यातक कंपनियों के लिए भी बासमती धान की खरीदारी करते हैं। गत वर्ष भी निर्यातक कंपनी के लिए करीब 50 हजार क्विंटल बासमती धान खरीदा था। इस बार निर्यातक कंपनी के लिए अब तक 500 क्विंटल बासमती धान की खरीदारी ही हो सकी है। इसमें पूसा-1509 की मात्रा सबसे अधिक है। इसके अलावा शरबती, पूसा बासमती नंबर-1 और 1121 प्रजातियों की खरीदारी भी हो रही है।
- मदन मोहन मित्तल, निर्यातक कंपनी के लिए खरीद करने वाले आढ़ती
मंडी में फिलहाल एक ही आढ़ती निर्यातक कंपनी के लिए बासमती धान की खरीदारी कर रहे हैं। कई अन्य के भी खरीदारी शुरू करने की उम्मीद है। निर्यातक फर्म के लिए उच्च गुणवत्ता वाला बासमती धान खरीदा जाता है।
- सुमन भारती, सचिव सहारनपुर मंडी