2012 से लगातार आंदोलन कर रहे बाबा मंगलगिरी
बाबा मंगलगिरी ने बताया कि वर्ष 2012 में शिमलाना गांव के शिव मंदिर में आमरण अनशन कर हिंडन को प्रदूषण मुक्त कराने की मांग उठाई थी, जिसे तत्कालीन सपा सरकार में आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। इसके बाद वर्ष 2014 में भगवानपुर और 2018 में महेशपुर के शिव मंदिर में भी उन्होंने नदियों के संरक्षण को लेकर आंदोलन किया।
आश्वासनों से नहीं बदली नदियों की हालत
उन्होंने कहा कि अलग-अलग सरकारों और जनप्रतिनिधियों द्वारा केवल आश्वासन ही मिले, लेकिन नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब इस बार आंदोलन को किसी भी सूरत में अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा।
ग्रामीणों का मिला समर्थन
गांव भगवानपुर, अंबेहटाचांद, टपरी, मिर्जापुर, कुतुबा माजरा, सहजी और सांवतखेड़ी के ग्रामीणों ने हिंडन, कृष्णा और काली नदी बचाव अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।
धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद
धरने के दूसरे दिन बाबा मंगलगिरी के साथ ब्रजपाल, नीटू, सोमपाल, रमन सिंह, जोनी, राजवीर, पवन सिंह, धर्मवीर सिंह, शेरजंग, सूरजपाल, ज्ञान सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।