मछरौली का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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गंगोह (सहारनपुर)। करनाल हाईवे किनारे स्थित ग्राम पंचायत मछरौली में इस बार उमेश शर्मा ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए हैं। उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी प्राथमिकताओं में गांव के गंदे पानी की निकासी कराना है। आबादी के बीच में आए खाद के गड्ढों को हटवाने के साथ ही श्मशान घाट पर टीन शेड की व्यवस्था, उच्च प्राथमिक विद्यालय की स्थापना, स्वच्छ पेयजल के लिए टंकी और नलकूप, टूटी सड़कों का नवीनीकरण और सोलर ऊर्जा से गांव की गलियों को रोशन करना उनके एजेंडे में शामिल है। गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही पूरे गांव को संक्रामक रोगों से निजात दिलाने के लिए नियमित फागिंग और सैनिटाइजेशन किया जाएगा। उनका कहना है कि वे जनकल्याण के लिए आने वाली सरकारी योजनाओं को ईमानदारी के साथ पारदर्शी तरीके से पात्रों तक पहुंचाने का काम करेंगे। उनका सपना है कि गांव में विकास कार्यों के बलबूते राज्य स्तर पर पुरस्कृत होने का अवसर मिले।
प्रधान की प्रोफाइल
उमेश शर्मा इंटर तक पढ़े हैं।
उन्होंने मंडी परिषद में भी संविदाकर्मी के तौर पर नौकरी की है। वर्तमान में वह खेती करते हैं।
जल निकासी नहीं होने से करनाल हाईवे पर भरता है गंदा पानी
गंगोह ब्लाक मुख्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित बसे पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में गंदे पानी की निकासी नहीं होना बड़ी समस्या है। गांव का गंदा पानी करनाल हाईवे पर इकट्ठा होने से सड़क भी जर्जर हो गई है। गांव की मुख्य पहचान इस गांव के द्वार पर स्थापित भगवान की मूर्ति है।
प्रधान उमेश शर्मा- फोटो : SAHARANPUR