सहारनपुर में रिमांड पर लिए गए आरोपी का वीडियो बनाने को लेकर पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तनातनी का माहौल बन गया। अधिवक्ता से महिला दरोगा द्वारा मोबाइल छीनने और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
अधिवक्ताओं ने दिवानी, कचहरी चौराहे पर जाम लगा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने जाम खोला। उधर, महिला दरोगा ने बिना अनुमति वीडियो बनाने और उनके बारे में आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार को कोर्ट से महिला दरोगा शैली राणा द्वारा एक आरोपी को रिमांड पर लाया गया था। अधिवक्ता हेमंत मित्तल का आरोप है कि वह अपने मोबाइल से सामान्य रूप से वीडियो बना रहा था। लेकिन सदर कोतवाली में दरोगा शैली राणा ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसके साथ अभद्रता की।
शुक्रवार को कचहरी में बार एसोसिएशन में मामला पहुंचा तो अधिवक्ता भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कचहरी चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। लगभग आधा घंटे तक चौराहे पर श्रंखला बनाकर अधिवक्ता खड़े हो गए।
जिससे चौराहे के चारों ओर से आ रही सड़कों पर जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी मुुकेश कुमार मिश्रा, सदर कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा पहुंचे और अधिवक्ताओं को किसी प्रकार समझा-बुझा कर शांत कराया और जाम खुलवाया।
महिला दरोगा शैली राणा का आरोप है कि अधिवक्ता हेमंत मित्तल ने मना करने के बावजूद मोबाइल से उसकी वीडियो बनाई तथा अभद्र एवं अश्लील भाषा का प्रयोग किया। शैली राणा ने सदर कोतवाली में तहरीर दी। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
उधर, अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच अधिवक्ता एसोसिएशन के सभागार में दिन भर वार्ता चलती रही। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है।