सहारनपुर। थाना सदर बाजार में बसंत विहार निवासी ब्रह्मपाल सिंह ने कई लोगों पर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाकर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। एसएसपी के आदेश पर थाना सदर बाजार में 10 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। इनमें एक महिला भी शामिल है।
ब्रह्मपाल सिंह ने शिकायत जांच प्रकोष्ठ में तहरीर देकर बताया कि रेखा, नेहा, हरबंश निवासी पनियाली कासिमपुर से कृषि भूमि बैनामा के जरिए खरीदी थी। बैनामा के बाद उक्त भूमि के खसरा-खतौनी में उनका नाम दर्ज भी हो गया। आरोप है कि बैनामा के बाद रेखा, करेशन सिंह, देवेंद्र सिंह, स्वर्ण सिंह, अमित वालिया, अमरीश कुमार ने आपस में मिलकर षड्यंत्र रचा। इन लोगों ने एक ही व्यक्ति के तीन अलग-अलग फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाए, ताकि संपत्ति पर अवैध कब्जे को वैध ठहराया जा सके। पहला जन्म प्रमाणपत्र ब्लॉक नागल से बनवाया, जिसमें जन्मतिथि 12 दिसंबर 2007 दर्शायी गई।
दूसरा प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत शेखपुरा कदीम से जारी किया गया। तीसरा जन्म प्रमाणपत्र नगर निगम से 22 अक्तूबर 2024 को जारी किया गया। इसमें जन्म 13 दिसंबर 2006 दर्शाया गया। स्थान एक निजी नर्सिंग होम बताया। इस मामले में थाना सदर बाजार पुलिस ने रेखा, करेशन, प्रवेज, देवेंद्र सिंह, स्वर्ण सिंह, अमित वालिया, अमरीश कुमार, रजिस्टार जन्म एवं मृत्यु विभाग पनियाली, शेखपुरा कदीम और रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु नगर निगम के खिलाफ हुआ है।
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नर्सिंग होम ने भी फर्जीवाड़े की पुष्टि की
ब्रह्मपाल सिंह का आरोप है कि उन्होंने नगर निगम से जांच कराई। नर्सिंग होम की महिला चिकित्सक ने उस दिन उनके नर्सिंग होम में जन्मे बच्चों की सूची में हरबंश सिंह का नाम दर्ज ही नहीं है। जांच के बाद सभी जन्म प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए और निरस्त कर दिए गए लेकिन विपक्षी पक्ष ने उन्हें रद्द नहीं कराया। पीड़ित ने पांच जून 2025 और 10 जून 2025 को नगर निगम अधिकारियों से विपक्षियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की लेकिन अधिकारियों ने इनकार करते हुए खुद रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई।