पुलिस ने इनके पास से तमंचे बरामद होना बताया है, जबकि चंद्रशेखर का कहना है कि हमलावरों ने पिस्टल से फायरिंग की थी। पत्रकारों के समक्ष पुलिस ने आरोपियों को पेश जरूर किया, लेकिन उनके बातचीत नहीं कराई है। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन और खुद चंद्रशेखर भी पुलिस के इस खुलासे संतुष्ट नहीं है।
उनका भी कहना है पुलिस की कहानी में झोल है, अचानक किसी को देख कर हमला करने की योजना नहीं बनती। उनका कहना है कि हमले के पीछे किसी का अन्य का हाथ और साजिश कर्ता भी कोई और है।
इसी कारण भीम आर्मी ने पुलिस प्रशासन को अपनी महापंचायत स्थगित कर समय दिया है, ताकि वारदात को सही खुलासा हो सके और इस घटना में शामिल अन्य लोगों भी पकड़े जा सके। डीआईजी अजय साहनी ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूरी पूछताछ करने की बात कही थी।
अब पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेने की कार्रवाई में जुटी है। मामले की जांच सीओ देवबंद रामकरण कर रहे है। आरोपियों के रिमांड पर लेने के बाद पुलिस सीन रीक्रिएट भी करेगी।
अभी कई एंगल पर जांच कर रही पुलिस
इस घटना में पुलिस कई एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि चारों आरोपी हमलावर मेरठ भी गए थे। उनके साथ एक युवती भी बताई गई है। पुलिस टोल प्लाजा की फुटेज भी देख रही है। यह भी माना जा रहा है कि घटना में अन्य लोग भी शमिल हो सकते हैं।
आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। इसके लिए सीओ देवबंद आवश्यक कार्रवाई में लगे हैं। रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। घटना के रिक्रिएशन के लिए भी शासन को लिखा गया है। आरोपियों को रिमांड मिलने के बाद सीन रीक्रिएट किया जाएगा। - सागर जैन, एसपी देहात