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स्कूल संचालकों से पूछा, बसें चलाएंगे या नहीं

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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण काल में निजी बसों के साथ ही 250 से अधिक स्कूल वाहनों के परमिट भी सरेंडर कर दिए गए थे। लॉकडाउन के बाद से अब तक शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण स्कूल बसों का संचालन ही नहीं हुआ है। अनलॉक-चार में अब 21 सितंबर के बाद से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने की छूट दी गई है, लेकिन इससे भी स्कूल बसों के संचालन की संभावनाएं बेहद कम नजर आ रहीं हैं। इसलिए संभागीय परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों से जानकारी मांगी है कि क्या वे बसें चलवाएंगे या नहीं।
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कोरोना काल में निजी बसों को भी यात्री नहीं मिल पाए थे और भारी घाटे के कारण 300 से अधिक निजी बसों के परमिट सरेंडर कर दिए गए थे। निजी बस संचालकों ने कहा था कि यदि सरकार छह माह तक टैक्स और प्रीमियम में राहत देगी, तभी वे अपने परमिट बहाल करवा पाएंगे। इसके बाद शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने दो माह के टैक्स में राहत दी थी। इस राहत के बाद कुछ निजी बसों के परमिट तो बहाल करवा लिए गए हैं। लेकिन स्कूल संचालकों की ओर से अभी कोई पहल नहीं की गई है। इनकी स्थिति को लेकर बने असमंजस के बीच अब संभागीय विभाग इनके बारे में जानकारी जुटा रहा है।
संभावनाएं तो कम, जानकारी जुटा रहे
- सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आरपी मिश्रा कहते हैं कि अनलॉक चार में भी स्कूल वाहनों के संचालन की संभावनाएं तो बेहद कम नजर आ रही हैं, लेकिन परमिट सरेंडर और बहाली की संभावना पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए संचालकों से जानकारी मांगी जा रही है। अभी कोई भी स्कूल संचालक स्पष्ट रूप से कोई जानकारी नहीं दे पाया है। स्कूल संचालक वाहन संचालन के लिए असमंजस में हैं। उनकी ओर से कहा जा रहा है कि अभिभावक अभी बच्चों की फीस ही नहीं दे रहें हैं तो फिर स्कूल वाहनों की व्यवस्था के बारे में तो इस समय बताना ही मुश्किल है।
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