सहारनपुर। जिला कारागार में बंदियों में संक्रमण तेजी से बढ़ा है। बीते दो दिन के भीतर ही 76 बंदी कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं, जिससे चिंता गहरा गई है। फिलहाल सभी संक्रमित बंदियों को कारागार में ही आइसोलेट कर दिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग को ऐसे संक्रमित बंदियों के परिजनों तक पहुंचना होगा, जो हाल ही में गिरफ्तार होकर जेल पहुंचे हैं। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि बंदियों में संक्रमण आखिर फैला कैसे है।
दरअसल, शनिवार को आई संक्रमितों की रिपोर्ट में जिला कारागार के 53 बंदी संक्रमित मिले थे, जबकि शुक्रवार को 23 बंदी संक्रमित मिले थे। इससे पूर्व में चार बंदी संक्रमित मिले थे। इस तरह दो दिन में कुल 76 संक्रमित बंदियों को मिलाकर कुल 80 बंदी संक्रमित मिले हैं, जिन्हें कारागार में ही आइसोलेट किया गया है।
बड़ी चिंता इस बात की है कि संक्रमित मिले बंदियों में यदि हाल में ही गिरफ्तार करके ले जाए गए लोग शामिल हैं तो इनके संपर्क वालों की चेन बहुत लंबी होने की संभावना है। क्योंकि इनकी गिरफ्तारी में अनेक पुलिसकर्मी भी शामिल रहे, जो इन्हें पकड़कर ले गए। इसके अलावा इनके परिवार वालों की भी कोविड जांच होनी अनिवार्य है, ताकि इन बंदियों तक पहुंचे संक्रमण की जड़ को भी पकड़ा जा सके। उधर, जेल प्रशासन ने कारागार में ही अलग बैरक को आइसोलेशन वार्ड बना दिया है, जहां सभी 80 संक्रमित बंदियों को रखवाया गया है। ताकि इन बंदियों की वजह से अन्य बंदियों को संक्रमण अपनी गिरफ्त में ना ले ले।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक अमिता दुबे का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी उक्त बंदियों को आकर देखा, सभी बंदी लक्षण रहित हैं, जिस कारण इन्हें जेल में ही आइसोलेट किया गया है।
जेल प्रशासन का दावा, संक्रमितों को मिल रहा यह उपचार
- चिकित्साधिकारी द्वारा आइसोलेशन वार्ड का दो बार भ्रमण कर उपचार दिया जा रहा।
- अतिरिक्त आहार के तौर पर अंडा, दूध, फल का वितरण।
- दिन में तीन बार काढ़ा दिया जा रहा है और भाप भी दी जा रही है।
- ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए प्रोनल ब्रीथिंग कराई जा रही है।
- स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बंदियों को कोविड किट दी गई है।
- आइसोलेशन वार्ड, मुख्य गेट सहित अन्य स्थानों पर सैनिटाइजेशन कराया गया।