तीतरों(सहारनपुर)। सपा नेतृत्व द्वारा चौधरी यशपाल के परिवार की अनदेखी से नाराज उनके समर्थकों की नाराजगी पंचायत में साफ नजर आई। समर्थकों का कहना था कि इस अनदेखी के जवाब में वह नोटा का बटन दबाने को तैयार हैं। समर्थकों की भावनाओं को देखते हुए जहां चौधरी इंद्रसेन ने विधानसभा अध्यक्ष क्षेत्र से इस्तीफा देने की घोषणा की। वहीं राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन ने चार दिन के अंदर अपनी रणनीति घोषित करने की बात कह कर समर्थकों को शांत किया।
विधान परिषद के चुनाव में चौधरी परिवार को जिम्मेदारी दिए जाने के वायदे को पूरा न किए जाने के बाद उनके समर्थकों में रोष पनप रहा है। बृहस्पतिवार को झाड़वन स्थित फार्म हाऊस पर हुई पंचायत में यह आक्रोश देखने को मिला। समर्थकों ने एक स्वर में सपा हाईकमान के निर्णय को गैर जिम्मेदाराना बताया। एडवोकेट ओपी पंवार ने कहा कि चौधरी यशपाल सिंह के दोनों बेटे सपा के सच्चे सिपाही की तरह अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन सपा सुप्रीमो ने वादाखिलाफी करते हुए इन्हें दरकिनार करने का काम किया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य नक्षत्रपाल सिंह ने कहा कि उन्हें भाजपा व सपा को दरकिनार करते हुए नोटा को ही अपना प्रत्याशी बनाना चाहिए ताकि इन्हें सबक सिखाया जा सके।
गंगोह विधानसभा क्षेत्र प्रभारी चौधरी इंद्रसेन ने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने वाले लोगों ने हमेशा ही उनके परिवार के लोगों को चुनाव में धोखा देने का काम किया है। उन्होंने अपने समर्थकों के आक्रोश को शांत करते हुए पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी, जबकि सपा के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी रुद्रसेन ने कहा कि अखिलेश यादव ही हमारे नेता हैं। आगामी चार दिनों में राजनैतिक विश्लेषण करने के बाद रणनीति तय कर निर्णय कर लिया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मतलूब चौधरी और संचालन जिला पंचायत सदस्य जिशान चौधरी ने किया। इस दौरान सतीश शर्मा खडलाना, चौधरी संतरपाल सिंह, राजेश शर्मा, भूल्लण सिंह, मनोज पांचाल, चौधरी परीक्षित, राव इकबाल, प्रधान अमित कोरी आदि मौजूद रहे।